पटना : साक्ष्य के अभाव में रिहाई पर अधिकारी को फटकार

पटना : पटना हाइकोर्ट ने जान मारने की नीयत से हमला करने वाले अभियुक्त की रिहाई को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए पुलिस अधिकारी को कड़ी फटकार लगायी. कोर्ट ने कहा की अगर यूं ही अभियुक्त छूटते रहेंगे, तो अपराधियों का मनोबल और बढ़ जायेगा. पुलिस और प्रॉसिक्यूशन की लापरवाही से अभियुक्त संदेह का लाभ […]

पटना : पटना हाइकोर्ट ने जान मारने की नीयत से हमला करने वाले अभियुक्त की रिहाई को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए पुलिस अधिकारी को कड़ी फटकार लगायी. कोर्ट ने कहा की अगर यूं ही अभियुक्त छूटते रहेंगे, तो अपराधियों का मनोबल और बढ़ जायेगा. पुलिस और प्रॉसिक्यूशन की लापरवाही से अभियुक्त संदेह का लाभ लेकर छूटता है, तो इसके लिए दोषी कोर्ट होता है. मालूम हो कि धारा 307 में अभियुक्त बनाये गये आरोपितों की रिहाई अदालत से इसलिए कर दी गयी, क्योंकि अभियोजन पक्ष गवाह को अदालत में प्रस्तुत नहीं कर सका.
पुलिस द्वारा इस कांड में अन्य साक्ष्य भी नहीं जुटाये गये. इतना ही नहीं निचली अदालत से बरी किये गये अभियुक्तों के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से हाइकोर्ट में अपील तक दायर नहीं की गयी. न्यायाधीश आदित्य कुमार त्रिवेदी की एकलपीठ ने रमेश कुमार द्वारा दायर अपील पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की.
एसडीपीओ से मांगा जवाब : सुनवाई के समय बाढ़ में पदस्थापित आइपीएस अधिकारी एसडीपीओ लिपि सिंह कोर्ट में हाजिर थीं. कोर्ट ने उनसे पूछा कि जब कोर्ट द्वारा उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, तो उनके द्वारा इस मामले में किसी प्रकार का जवाब क्यों नहीं दाखिल किया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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