पटना सिटी : उत्तर बिहार की लाइफ लाइन महात्मा गांधी सेतु पर यात्री शेड के समीप मंगलवार की सुबह लगभग साढ़े पांच बजे तेज रफ्तार वाहन से कुचल कर बाइक चालक व सवार की मौत हो गयी. दोनों शव बीच सड़क पर पड़े होने की वजह से वाहनों का परिचालन प्रभावित होने लगा.
इसी बीच सूचना पाकर आलमगंज थाना की पुलिस व जीरोमाइल यातायात थाना की पुलिस वहां पहुंची और शव को साइड कर वाहनों का परिचालन सामान्य कराया. लगभग एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही. मौके पर पहुंची यातायात पुलिस ने बताया कि हाजीपुर से पटना आने वाले लेन पर यह घटना घटी है. यातायात पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज भेजा.
यातायात थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष अरुण कुमार झा ने बताया कि मृतक के पास मिले कागजात के आधार पर मृतकों की पहचान समस्तीपुर के दल सिंह सराय निवासी 50 वर्षीय संजय कुमार व पुत्र लगभग 18 वर्षीय राविश चंद्र के तौर पर हुई. परिजनों को इसकी सूचना दे दी गयी है. यातायात थाना के एएसआइ राकेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि घटना में पिता-पुत्र का सिर कुचल गया था.
भारी वाहन के धक्के से बाइक भी घटना स्थल से काफी दूर पर पड़ी थी. यातायात थानाध्यक्ष की मानें तो यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि किस वाहन से यह हादसा हुआ है. पुलिस टीम को सेतु पर लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज तलाशने को कहा गया है, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके. थानाध्यक्ष की मानें तो मृतक के परिजन उत्पल कुमार के बयान पर ट्राफिक थाना में अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है.
संभावना जतायी जा रही है कि मृतक संजय कुमार बेटे को परीक्षा दिलाने के लिए पटना लेकर ओ रहे थे. पुलिस ने बताया कि परीक्षा किस विषय की थी, स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस ने मृतक पिता-पुत्र के शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद मंगलवार की शाम परिजनों को सौंप दिया है. हादसा के बाद हाजीपुर से पटना आने वाले लेन पर वाहनों का दबाव अधिक रहा.
इस दरम्यान जाम की स्थिति पाया संख्या 42 से 43 तक पहुंच गयी थी. दरअसल मामला यह है कि गांधी सेतु को संजीवनी देने व सुपर स्ट्रक्चर में बदलने का कार्य हाजीपुर की तरफ पश्चिमी लेन पर चलने की वजह से सेतु पर वनवे परिचालन व्यवस्था है. इसके तहत पूर्वी लेन पर ही वाहनों का परिचालन होता है.
ऐसे में एक लेन पर ही वाहनों की पटना से हाजीपुर जाना व हाजीपुर से पटना आने की व्यवस्था से जाम की स्थिति बन रही थी.इसी बीच हादसा की वजह से समस्या कुछ ज्यादा ही गंभीर हो गयी थी. हालांकि यातायात पुलिस ने धीरे-धीरे वाहनों का परिचालन सामान्य किया.
