मसौढ़ी : मसौढ़ी थाना में स्थित पुनपुन नदी के विशंभरपुर, कराय, इसरचक, दुद्धीचक एवं कररिया समेत अन्य कुछ बालू घाटों से बालू माफिया दिन-रात बेरोकटोक बालू का उत्खनन कर रहे हैं. बालू माफिया प्रतिदिन करीब तीन सौ से ऊपर ट्रैक्टर बालू निकाल खुले बाजार में ऊंची कीमत में बेचकर मालामाल हो रहे हैं. सबसे आश्चर्य इस बात का है कि अवैध बालू उत्खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है और इसके लिए जिम्मेदार प्रशासन के अलावा पुलिस व खनन विभाग चुप है. इस पर कोई भी कुछ बोलने से परहेज कर रहा है.
थानाध्यक्ष सीताराम साह का कहना था कि खनन विभाग अवैध खनन करनेवालों को पकड़ कर देता है, तो पुलिस कार्रवाई करती है. वहीं, खनन निरीक्षक अजय कुमार सिंह का कहना था कि प्रथम कार्रवाई तो स्थानीय पुलिस के द्वारा ही करनी है. पुलिस पकड़ेगी तो खनन विभाग खुद कार्रवाई के लिए वहां पहुंच जायेगा. इन सब के बीच सहायक आयुक्त खनन सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि ऐसा मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया था. जांच करते हुए कार्रवाई की जायेगी. जानकारी के अनुसार थाना के पितवांस, तिसखोरा के पास डुमरी व इसरचक चकिया स्थित पुनपुन नदी के तीन बालू घाटों का सरकार द्वारा बंदोबस्त किया गया है.
इसकी पुष्टि खनन विभाग के सहायक निदेशक सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा ने भी की है, लेकिन उक्त तीनों जगहों नदी में विशेष पानी होने व अच्छे बालू नहीं होने की वजह से बालू माफिया विगत कई दिनों से विश्भंरपुर, कराय, इसरचक, दुद्धीचक एवं कररिया स्थित पुनपुन नदी घाट से अवैध रूप से बालू का उत्खनन कर प्रतिदिन तीन सौ से ऊपर ट्रैक्टर से बालू की निकासी कर खुलेआम थाना के नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में बेच रहे हैं. बालू लदा ट्रैक्टर थाना के सामने से ही निकल जाता है, लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. इधर, अवैध बालू उत्खनन को लेकर सक्रिय बालू माफिया दो गुटों के बीच अक्सर टकराव की स्थिति व्याप्त रहती है, लेकिन पुलिस सबकुछ जानते हुए भी चुप है.
मसौढ़ी : बीते रविवार को थाना की चरमा पंचायत स्थित कररिया व बुद्धुचक गांव में बालू माफियाओं के दो गुटों के बीच चली गोली व मारपीट की घटना के 24 घंटे बाद भी किसी पक्ष ने कोई भी मामला दर्ज कराना तो दूर शिकायत भी नहीं की है. पुलिस गोलीबारी की घटना से ही इन्कार कर रही है.
थानाध्यक्ष सीताराम साह ने बताया कि ग्रामीणों से रविवार को सूचना मिली थी की बालू उठाव करने वाले दो मजदूरों गुटों के बीच मारपीट हुई है. सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन वहां कोई भी नहीं था. उन्होंने बताया कि कररिया स्थित पुनपुन नदी में कुछ मजदूर बालू का उत्खनन कर रहे थे. पुलिस को देख नदी के पूरब नौबतपुर थाना क्षेत्र की ओर भाग निकले. बालू निकालने वाले दो गुटों कररिया व बुद्धुचक के मजदूरों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी. हालांकि, उक्त मामले को ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद समाप्त कर दिया गया था .
इधर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सोनू कुमार राय ने रविवार को कररिया व बुद्धुचक के मजदूरों व बालू माफियाओं के बीच घटित गोलीबारी की घटना से इन्कार किया है. उन्होंने बताया कि रविवार की रात में कुछ लोगों द्वारा हमसे इस मुद्दे पर बात की गयी थी. सबसे हमने ऐसी कोई भी घटना नहीं होने की बात कही थी.
