पटना : गंगा तट के लोगों को सफाई से जोड़ें

गंगा की सफाई और प्रबंधन में मिलेंगे बेहतर परिणाम पटना : बिहार में गंगा किनारे रहने वाले लोगों को गंगा की सफाई व प्रबंधन से जोड़ा जाना चाहिए, इससे बेहतर परिणाम मिल सकते हैं. आद्री में सोमवार को आयोजित जीएसडीपी के उन्मुखीकरण कार्यक्रम के दौरान बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के अध्यक्ष व मुख्य वक्ता […]

गंगा की सफाई और प्रबंधन में मिलेंगे बेहतर परिणाम
पटना : बिहार में गंगा किनारे रहने वाले लोगों को गंगा की सफाई व प्रबंधन से जोड़ा जाना चाहिए, इससे बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.
आद्री में सोमवार को आयोजित जीएसडीपी के उन्मुखीकरण कार्यक्रम के दौरान बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के अध्यक्ष व मुख्य वक्ता प्रो एके घोष और आद्री के निदेशक पीपी घोष ने अपनी बातों को रखा. उन्होंने बताया कि आद्री स्थित पर्यावरण, ऊर्जा व जलवायु परिवर्तन केंद्र द्वारा बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के सहयोग से रिवर लाइफ मैनेजमेंट पर हरित कौशल विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है. रिवर लाइफ मैनेजमेंट पर जीएसडीपी प्रशिक्षण 26 मार्च से 26 अप्रैल तक चलेगा.
इसके पाठ्यक्रम में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, कंबाइंड एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लान पर कठोर प्रशिक्षण दिया जायेगा. पाठ्यक्रम के लिए, पटना, दानापुर, सोनपुर और हाजीपुर क्षेत्र के 20 छात्रों का चयन किया गया है, जो एक महीने का प्रशिक्षण लेंगे.
गंगा में प्रदूषण का स्तर गंभीर
सीइइसीसी के निदेशक अविनाश मोहंती ने ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के माध्यम से मंत्रालय के विजन के बारे में बताया. प्रो एके घोष ने गंगा नदी में प्रदूषण की गंभीर स्थिति और सुधार के लिए तत्काल आवश्यक कार्यों के बारे में चर्चा की.
उन्होंने 20 साल पहले और अब की गंगा की स्थितियों की तुलना की. उन्होंने बताया कि प्रदूषण के बढ़ने का स्तर काफी डरावना है. प्रो पीपी घोष ने छात्रों का स्वागत किया और गंगा सफाई के ऐसे महत्वपूर्ण प्रयास का हिस्सा बनने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >