पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि इंटरमीडिएट की बारकोडेड उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कई सह परीक्षक योगदान नहीं कर रहे हैं. लिहाजा उनके योगदान को सुनिश्चित करें. बिहार बोर्ड ने कहा कि मूल्यांकन कार्य अनिवार्य जिम्मेदारी है. इससे कोई भी कर्मचारी अपने को अलग नहीं कर सकता है.
अगर कोई सह परीक्षक ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सक्षम पदाधिकारी को लिखा जायेगा. इस मामले में नियमानुसार प्राथमिकी भी दर्ज करायी जायेगी. प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संदर्भ में संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक (उ मा) ने दिशानिर्देश जारी किये हैं. जानकारी हो कि इंटर मीडियेट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य किये जा रहे हैं. यह मूल्यांकन कार्य 15 मार्च तक चलेगा.
बिहार बोर्ड के इस आधिकारिक पत्र में जिला शिक्षा अधिकारियों को लिखा है कि जो सह परीक्षक तीन मार्च तक मूल्यांकन केंद्र पर नहीं पहुंचे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा समिति के इ-मेल अाइडी पर तत्काल भेजें.
इधर, मैट्रिक की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की भी तैयारियां चल रही हैं. आठ मार्च के आसपास मूल्यांकन शुरू हो सकता है. हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी तिथि अभी तक तय नहीं है.
