पटना : माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार ने बंद्योपाध्याय कमेटी की रिपोर्ट आज तक लागू नहीं की है. जब कमेटी बनी थी तो बंदोपाध्याय ने मदद मांगी थी. विभिन्न क्षेत्रों में किसानों को जुटाकर हमने बात करायी. रिपोर्ट भी बनी, पर हक की बातों पर पानी डाल दिया गया. बिहार में ऑपरेशन बटाई भी नहीं चला. यह सब दुर्भाग्य है.
स्वामी सहजानंद सरस्वती पर शोध करने वाले अमेरिका के प्रो वाल्टर हाउजर की कृति ‘बिहार प्रोविंशियल किसान सभा 1929-1942’ का लोकार्पण दीपंकर भट्टाचार्य, प्रो नवल किशोर चौधरी, गणेश शंकर विद्यार्थी, पूर्व आइएएस अधिकारी मनोज श्रीवास्तव, हाउजर की बेटी शीला हाउजर, कैलाश चंद्र झा, टिस के चेयरपर्सन पुष्पेंद्र आदि ने किया. समारोह में महासचिव ने कहा कि महागठबंधन में हमें कितनी सीटें मिलती हैं, फर्क नहीं पड़ता. पर गांव-गांव तक हमारे कार्यकर्ता लाल झंडा लेकर अपने काम को अंजाम दे रहे हैं.
सीपीआइ के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह ने कहा कि हाउजर का कनक्लूजन एंटी लेफ्ट है. फिर भी बेहतरीन ढंग से किसानों की समस्याओं को रखा है. भूमि सुधार कानून बिहार में आज तक लागू नहीं हो सका है. प्रो नवल किशोर चौधरी ने सहजानंद सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डाला.दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा- अगर कोई पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी भारतीय क्षेत्र में गिरा होता तो क्या उसे सही सलामत हम वापस करते.
