Bihar Politics: आगामी 12 मई को होने वाले बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवार अरविंद शर्मा (सूर्य कुमार शर्मा) ने विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. यह सीट पूर्व मंत्री मंगल पांडे के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी.
नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, पूर्व मंत्री मंगल पांडे समेत एनडीए के कई घटक दलों के नेता मौजूद रहे. इस मौके ने गठबंधन की मजबूत एकजुटता का संदेश दिया.
सीएम सम्राट चौधरी के करीबी माने जाते हैं अरविंद शर्मा
अरविंद शर्मा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बेहद करीबी माने जाते हैं. उन्हें उनके कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी भी दी गई थी. पार्टी में उनकी छवि एक कुशल, धैर्यवान और लक्ष्य आधारित नेता के रूप में रही है. वे कई वरिष्ठ नेताओं के साथ भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं.
राजनीतिक समीकरण और टिकट को लेकर चर्चा
सूत्रों के अनुसार इस सीट को लेकर पहले उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के नाम की चर्चा थी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद बीजेपी ने रणनीति बदलते हुए अरविंद शर्मा को उम्मीदवार बनाया. विधानसभा में एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण अरविंद शर्मा की जीत लगभग तय मानी जा रही है. यही वजह है कि विपक्ष की ओर से इस चुनाव को लेकर ज्यादा हलचल नहीं दिखाई दे रही है.
निर्विरोध निर्वाचन की संभावना मजबूत
यदि स्थिति ऐसी ही बनी रहती है तो 12 मई को मतदान की नौबत भी नहीं आएगी और अरविंद शर्मा को निर्विरोध विजेता घोषित किया जा सकता है. इस सीट का कार्यकाल 6 मई 2030 तक रहेगा. नामांकन के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया. पार्टी इसे संगठन की मजबूती और नेतृत्व के भरोसे के रूप में देख रही है.
