पटना : बड़े सरकारी या निजी शिक्षण समेत अन्य संस्थान अपना टीडीएस या टैक्स स्वयं जमा नहीं कर किसी एजेंट या ऐसे अन्य मिडिल मैन के माध्यम से जमा करते हैं. कुल बकाया टैक्स के आधे रुपये ही आयकर विभाग के पास पहुंचते हैं. जहानाबाद के एसबीएन कॉलेज से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया था. आयकर विभाग ने ऐसे मामलों की जांच शुरू कर दी है. ऑनलाइन टैक्स जमा करने वाले जिन संस्थानों में एक बार फाइल करने के बाद दोबारा बड़े स्तर पर संशोधन किये गये हैं, उन सब की जांच शुरू हो गयी है.
अब तक हुई जांच में जहानाबाद, औरंगाबाद और भभुआ में करीब दस ऐसे मामले सामने आये हैं. ये मामले एसएस कॉलेज, एसएन कॉलेज, मध्य बिहार ग्रामीण बैंक समेत ऐसे अन्य संस्थानों के हैं. इन मामलों में आरोपी पाये गये मिडिल मैन के खिलाफ एफआइआर की कार्रवाई शुरू हो गयी है.
