अनिकेत त्रिवेदी
पटना : पटना गया रोड पर बने रहे अंतरराज्यीय बस स्टैंड का काम वर्ष के अंत में पूरा हो जायेगा. उत्तर भारत में बन रहे पहले आधुनिक बस टर्मिनल में कई सुविधाएं होंगी. मगर, फिलहाल बस टर्मिनल तक जाने को शहरवासियों को काफी परेशानी का सामना करना होगा. बुधवार को प्रभात खबर टीम ने उसकी पड़ताल की.
मीठापुर बस स्टैंड से पटना गया रोड पर बन रहे बस टर्मिनल की दूरी लगभग दस किमी है. एनएच से पटना गया रोड मोड़ पर जाम की समस्या और फिर पटना-गया सिंगल रोड के कारण बसों के परिचालन में समस्या. इसके अलावा शहर से दूर बाइपास के सहारे वहां जाने में भी लोगों को परेशानी होगी.
चारों ब्लॉक और उनकी स्थिति
ब्लॉक ए: बसों के आने के लिए आरक्षित सात फ्लोर में चार फ्लोर पूरे हो चुके हैं.
ब्लॉक बी: बसों के जाने के लिए आरक्षित सात फ्लोरों में पांच फ्लोर पूरे.
ब्लॉक सी: प्रशासनिक ब्लॉक, आठ फ्लोर में काम लगभग पूरा होने की स्थिति में.
ब्लॉक डी: व्यावसायिक भवन, दस फ्लोरों का किया जाना है निर्माण.
आने-जाने के साधन नहीं
मीठापुर शहर के बीच में पड़ने वाला बस स्टैंड हैं. वहां लोग छोटे सार्वजनिक साधन व अपने साधन से आसानी से पहुंच जाते हैं, लेकिन, जब बस टर्मिनल गया रोड पर चला जायेगा, तो लोगों को सार्वजनिक साधन से जाने में परेशानी होगी. वहीं, बाइपास पर रात में सुरक्षा के भी सवाल होंगे. फिलहाल मीठापुर से नियमित तौर पर वहां जाने के लिए कोई साधन नहीं है. वहीं एनएच मोड़ से बस टर्मिनल की दूरी लगभग दो किमी है.
भविष्य के लिए बनी हैं योजनाएं
हालांकि बस टर्मिनल तक जाने के लिए भविष्य में बेहतर सुविधाएं होंगी. सरकार की योजना है कि पटना गया रोड में मसौढ़ी तक फोर लेन का निर्माण किया जाना है. इसमें अभी कई साल लगेंगे. इसके अलावा मेट्रो के डिपो का भी वहां निर्माण किया जाना है. इसमें पांच से सात वर्ष का समय लगेगा. तब तक लोगों को परेशानी होगी.
270 करोड़ की लागत से होगा पूरा
अंतरराज्यीय बस टर्मिनल इस वर्ष के अंत तक बनने की पूरी संभावना है. 25 एकड़ में 270 करोड़ की लागत से टर्मिनल में चार ब्लॉक व एलिवेटड सड़कों का निर्माण होना है. इस पर 5 मई, 2017 से काम शुरू किया गया है. कुल चार ब्लॉकों के अलावा कई अन्य छोटे बड़े निर्माण किये जाने हैं. जिन पर तेजी से काम किया जा रहा है.
