पटना : संत माइकल स्कूल, इको पार्क, आइजीआइएमएस, फुलवारी में लगेंगे वायु गुणवत्ता मापक यंत्र

पटना : राजधानी पटना में चार अति व्यस्त जगहों पर वायु गुणवत्ता मापक यंत्र स्थापित किये जायेंगे. संत माइकल स्कूल, आइजीआइएमएस, इको पार्क और फुलवारीशरीफ में इन्हें लगाया जायेगा. शहर के विस्तार को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है. वर्तमान में केवल दो प्रदूषण मापी गांधी मैदान और तारामंडल के पास स्थापित हैं. […]

पटना : राजधानी पटना में चार अति व्यस्त जगहों पर वायु गुणवत्ता मापक यंत्र स्थापित किये जायेंगे. संत माइकल स्कूल, आइजीआइएमएस, इको पार्क और फुलवारीशरीफ में इन्हें लगाया जायेगा. शहर के विस्तार को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है. वर्तमान में केवल दो प्रदूषण मापी गांधी मैदान और तारामंडल के पास स्थापित हैं.
हालांकि औपचारिक तौर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन नामों पर अभी अंतिम सहमति नहीं दी है. विभागीय विशेषज्ञ शहर के नव विकसित सर्वाधिक घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थान चिह्नित कर रहे हैं, ताकि वायु गुणवत्ता के आंकड़े समूचे शहर का प्रतिनिधित्व कर सकें. दरअसल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चाहता है कि पटना की असल वायु गुणवत्ता सामने आये. वायु गुणवत्ता पर नियंत्रण करने के लिए एक्शन प्लान नये सिरे से पिछले माह से फिर प्रभावी किया गया है.
पानी में लेड और पारा मापने की नहीं है सुविधा : पटना के किसी भी लैब में पानी में मौजूद लेड और पारा मापने के लिए कोई उपकरण या मशीन नहीं है. जबकि इ-कचरे में अच्छी-खासी संख्या में ये दोनों धातुएं निकलती हैं.
ये पानी में घुल कर उसे सीधे तौर पर विषैला बना देती हैं. हालांकि बिहार के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाल ही में इस तरह के जल में घुलनशील तत्वों की जांच के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने का प्रस्ताव बनाया है. इस दिशा में उम्मीद जतायी जा रही है कि कुछ माह में इस तरह की सुविधा हासिल हो जायेगी. फिलहाल केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्राेल बोर्ड लेड और पारा के वातावरण में पड़ने वाले असर के लिए सर्वे करा रहा है. यह सर्वे पटना में भी होगा.

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