पटना : सूबे के किसानों के खाते में एक मार्च से फसल सहायता योजना की राशि जाने लगेगी. सहकारिता विभाग युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी कर रहा है. किसानों के आवेदन का सत्यापन चल रहा है. साढ़े 11 लाख से अधिक किसानों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है. इसमें नौ लाख किसानों के आवेदन का सत्यापन हो चुका है. अन्य आवेदनों का सत्यापन चल रहा है.
विभाग इस प्रयास में है कि जिन आवेदनों का अंतिम रूप से सत्यापन हो गया है उसके बैंक खाते में राशि चली जाये. अधिकतम 20 हजार और न्यूनतम पंद्रह हजार की रकम किसानों के खाते में जमा होगी.
बिहार राज्य फसल सहायता योजना अपने आप में अलग तरह की और फसल बीमा से अलग है. इसमें किसानों को कोई राशि नहीं देनी होती है. फसल सहायता का लाभ रैयती और गैर रैयती दोनों तरह के किसानों को मिलेगा. बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार को भी बिहार का यह मॉडल भाया है.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का कंसेप्ट भी इसी तर्ज पर है. खरीफ मौसम में राज्य के 38 जिलों के 527 अंचलों में यह योजना शुरू की गयी है. इस योजना का लाभ सिर्फ भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल के किसानों को नहीं मिलेगा.
दो हेक्टेयर के लिए मिलेगी सहायता
किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए
सहायता मिलेगी. 20 प्रतिशत तक फसल के नुकसान पर 7500 रुपये प्रति हेक्टेयर यानी 15 हजार और 20 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर प्रति हेक्टयर 10 हजार रुपये की दर से अधिकतम 20 हजार की सहायता मिलेगी.
सहकारिता विभाग सभी जिलों से फसल कटनी का आंकड़ा मंगा रहा है. अब तक 28 जिलों से फसल कटनी का आंकड़ा आ गया है. सहकारिता विभाग ने अन्य जिलों से भी फसल कटनी का आंकड़ा मांगा है. विभाग का कहना है कि जल्द ही सहायता राशि भेजी जायेगी. इस साल राज्य के 280 प्रखंडों को सूखाग्रस्त प्रखंड घोषित किया गया है. 32.50 लाख हेक्टेयर में धान की रोपनी हुई थी.मंत्री ने कहा एकमार्च से किसानों को फसल सहायताकी राशि मिलने लगेगी. विभाग इसकी तैयारीकर रहा है.
राणा रणधीर सिंह, सहकारिता मंत्री
