दो कंप्यूटरों में खराबी आने से हुई परेशानी
पटना सिटी : नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पंजीयन काउंटर पर सोमवार को उपचार कराने आये मरीजों की अत्यधिक भीड़ होने की स्थिति में अफरा -तफरी मची रही. इस दरम्यान मरीज आपस में बकझक करते रहे. इसी बीच पंजीयन काउंटर के दो कंप्यूटरों में भी खराबी आ गयी थी.
इस कारण कुछ देर के लिए कार्य बाधित हुआ. हालांकि, बाद में तुरंत मरम्मत करा कंप्यूटरों को चालू किया गया. दरअसल मामला यह है कि रविवार की छुट्टी के बाद जब सोमवार को ओपीडी खुला तो मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे. मरीजों की बढ़ी भीड़ के बीच शोरगुल व हंगामे की स्थिति बनी रही, जिसे शांत कराने के लिए पंजीयन काउंटर के कर्मी व सुरक्षा प्रहरी सहयोग करते रहे. दोपहर साढ़े 12 बजे तक यही स्थिति कायम रही.
सुबह आठ बजे से पंजीयन काउंटर के शेड के बाहर तक कतार लगी थी. इसी में कोई बीच कतार में आकर शामिल होने का प्रयास करता या फिर काउंटर के पास पहुंचने की चेष्टा करता, तो खड़े लोग हंगामा मचाते. कर्मियों ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में लगभग 2600 मरीज का उपचार किया गया. इनमें नये 1955 व पुराने 600 मरीज उपचार कराने आये थे. इसके अलावा दर्जन भर मरीजों को भर्ती किया गया. शोरगुल को शांत कराने के लिए काउंटर पर तैनात कर्मचारियों व अस्पताल के सुरक्षा प्रहरी हस्तक्षेप करते थे.
टोकन सिस्टम लागू रहने के बाद भी मरीज कतार में खड़े रहते हैं: अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ गोपाल कृष्ण का कहना है कि कंप्यूटर की गड़बड़ी को दूर करा पंजीयन काउंटर सुचारु ढंग से चलाया गया. मरीजों की बढ़ती संख्या को देख कर इमरजेंसी व दिव्यांग मरीजों के लिए अलग पंजीयन काउंटर की व्यवस्था की जायेगी.
टोकन सिस्टम लागू रहने के बाद भी मरीज कतार में खड़े रहते हैं. अस्पताल के केंद्रीय पंजीयन काउंटर पर छह कांउटर संचालित होते हैं. इनमें चार काउंटर नये मरीजों के लिए , एक काउंटर अस्पताल के कर्मियों के लिए व एक काउंटर पुराने मरीजों के पुरजे का नवीनीकरण कराने के लिए है.
