पटना : विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने 11 फरवरी से आरंभ हो रहे बजट सत्र के लिए सर्वदलीय नेताओं की बैठक में प्रश्नकाल बाधित नहीं किये जाने का सहयोग मांगा. बैठक के दौरान अध्यक्ष के आग्रह को उपस्थित सभी दलीय नेताओं ने सर्वसम्मति से सदन चलाने पर अपनी सहमति प्रदान की.
बैठक में मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, भाजपा के उपमुख्य सचेतक अरुण कुमार सिन्हा, राजद के आलोक मेहता, कांग्रेस से विजय शंकर दूबे, रालोसपा से सुधांशु शेखर एवं लोजपा की ओर से राजू तिवारी ने भाग लिया. इससे पूर्व सत्र के संचालन के लिए वरीय पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई.
बैठक में विस अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति प्रो हारुण रशीद और संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार शामिल हुए. बैठक में अधिकारियों को बिहार विधानमंडल परिसर एवं आस–पास की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने का निर्देश दिया गया. अफसरों को उनको बताया गया कि राज्यपाल का अभिभाषण बिहार विधान मंडल के सेंट्रल हॉल में होगा.
इसके लिए मुख्य सचिव दीपक कुमार विधायी कार्य के लिए नोडल पदाधिकारी बनाये गये हैं. वहीं, विधानसभा में प्रेस सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विजय कुमार चौधरी ने कहा कि अच्छे वक्ताओं और अच्छे आचरण की रिपोर्टिंग का असर सदन की कार्यवाही में दिखने लगा है.
इधर, बजट सत्र के दौरान विधान परिषद में महात्मा गांधी द्वारा बताये गये सात पापों को सदन के भीतर अंकित किया जायेगा. सत्ता पक्ष, विपक्ष और सभापति के आसन के समीप दीवारों पर इसे उकेरा जायेगा. विप के कार्यकारी सभापति प्रो हारुण रशीद ने इसकी जानकारी दी. सत्र को लेकर कार्यकारी सभापति ने अधिकारियों को सुरक्षा में कोताही नहीं बरतने का अादेश दिया
. विप के तीनों दरवाजे पर एक सुरक्षा के ख्याल से एक-एक अफसर तैनात किये जायेंगे. उन्होंने बताया कि विप के सदस्यों को भी उनके द्वारा उठाये गये सवालों के जवाब पहले उपलब्ध करा दिये जायेंगे, उन्हें सिर्फ पूरक सवाल पूछने होंगे.
