पटना : बीएड कॉलेज में फीस अधिक लेने का मामला एक बार फिर राजभवन पहुंचा हुआ. विभिन्न छात्र संगठनों ने राज्यपाल से मिल कर इस मामले में शिकायत कर चुके हैं. छात्रों ने कहा कि 2019 में बीएड में एडमिशन के लिए होने वाली प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. छात्रों ने कहा कि एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले फीस तय की जाये.
छात्र युवा संघर्ष मोर्चा के बबलू प्रकाश ने कहा कि कोर्ट ने लिखित में यह आदेश दिया था कि बेहतर इन्फ्रास्ट्रेक्चर और एनसीइआरटी के मापदंड वाले कॉलेज अधिकतम डेढ़ लाख फीस ले सकते हैं. लेकिन यहां तो हर कॉलेज बिना बिल्डिंग वाले भी कॉलेज डेढ़ लाख रुपये फीस वसूल रहे हैं.
वहीं एआइएसएफ ने कहा कि कई बार इसकी शिकायत राजभवन में की गयी. इसके बाद जांच कमेटी भी बनी. सभी विवि को जांच कर रिपोर्ट भी सौंपने को कहा गया कि किस बीएड कॉलेज में कितने शिक्षक हैं. क्या सुविधा मिल रही है. लेकिन विवि में भी भ्रष्टाचार मौजूद है. निजी बीएड कॉलेज पैसे और पावर का इस्तेमाल करते हैं. भूपेंद्र कुमार ने कहा कि बिना मानक के कॉलेज चल रहे हैं. मनमाने तरीके से फीस वसूल रहे हैं. कोर्ट के निर्देश की धज्जियां उड़ा रहे हैं.
जबकि कोर्ट ने सबसे बेहतर और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने वाले को अधिकतम डेढ़ लाख फीस लेने को कहा है. अगर इस दिशा में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा. सोमवार को सबसे ज्यादा राजभवन में एआइएसएफ के प्रतिनिधिमंडल ने बीएड कॉलेज पर कर्रवाई की मांग की है.
