पटना :गेस्ट फैकल्टी को मिलेंगे अधिकतम 50 हजार रुपये

यूजीसी ने सातवें वेतन आयोग को ध्यान में रखते हुए जारी की नयी गाइड लाइन पटना :यूजीसी ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी के रूप में सेवा देने वाला शिक्षकों के लिए नयी गाइड लाइन जारी की है. यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी को पत्र लिख कर कहा है कि अब गेस्ट फैकल्टी को प्रति […]

यूजीसी ने सातवें वेतन आयोग को ध्यान में रखते हुए जारी की नयी गाइड लाइन
पटना :यूजीसी ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी के रूप में सेवा देने वाला शिक्षकों के लिए नयी गाइड लाइन जारी की है. यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी को पत्र लिख कर कहा है कि अब गेस्ट फैकल्टी को प्रति लेक्चर 1500 रुपया दिया जाये.
यूजीसी ने एक हजार रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये और मासिक मानदेय को 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है. यह बढ़ोत्तरी सातवें वेतन आयोग को ध्यान में रखते हुए की गयी है. इसमें रिटायर्ड हो चुके टीचर भी गेस्ट फैकल्टी के तौर पर काम कर सकते हैं. लेकिन उनकी उम्र 70 वर्ष से कम होनी चाहिए.
यूजीसी के नये इन नये मानदेय का लाभ लेने के लिए गेस्ट लेक्चरर की योग्यता रेगुलर लेक्चरर के समान ही रखा गया है. गेस्ट फैकल्टी की संख्या स्वीकृत पदों से अधिक नहीं की जा सकती है. कुल तय पदों का 20 प्रतिशत तक ही गेस्ट फैकल्टी की भर्ती करना होगा.
इस प्रकार से होगी चयन की प्रक्रिया
गेस्ट फैकल्टी की चयन प्रक्रिया के लिए यूनिवर्सिटी को कमेटी का गठन करना होगा. इसके अध्यक्ष कुलपति होंगे. यह चयन कमेटी नियमित असिसटेंट प्रोफेसर के लिए गठित चयन कमेटी के जैसे ही काम करेगी.
चयन कमेटी में कुलपति या कुलपति की ओर से मनोनीत चेयरमैन के अलावा एक विषय विशेषज्ञ का होना जरूरी है. साथ ही संबंधित विभाग के डीन, एक विभागाध्यक्ष के अलावा एक सदस्य आरक्षित श्रेणी जिसे कुलपति की ओर मनोनीत किया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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