पटना : 15 जनवरी से प्रदेश में खसरा-रूबेला टीकाकरण का अभियान चल रहा है. राजधानी के गर्दनीबाग स्कूल में इंजेक्शन लगने से बच्चे के बेहोश होने का मामला सामने आया. बाद में बच्चे को पीएमसीएच अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे तुरंत डिस्चार्ज कर दिया. लेकिन, जब डॉक्टरों ने इसके कारण का पता लगाया, तो बच्चा इंजेक्शन लगने से डरा हुआ था और वह सुबह में हेल्दी खाना भी नहीं खाया था.
पटना : सुरक्षित है एमआर का टीका, इससे डरें नहीं

पटना : सुरक्षित है एमआर का टीका, इससे डरें नहीं
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पटना : 15 जनवरी से प्रदेश में खसरा-रूबेला टीकाकरण का अभियान चल रहा है. राजधानी के गर्दनीबाग स्कूल में इंजेक्शन लगने से बच्चे के बेहोश होने का मामला सामने आया. बाद में बच्चे को पीएमसीएच अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे तुरंत डिस्चार्ज कर दिया. लेकिन, जब डॉक्टरों ने इसके […]
ऐसे में डब्ल्यूएचओ और डॉक्टरों की टीम ने उन माता-पिता को अलर्ट जारी किया है, जो बच्चे इंजेक्शन से डर रहे और इंजेक्शन लगने से पहले गाइड लाइन दिये गये हैं, उसको पूरा करने की अपील की है.
टीके का नहीं है कोई साइड इफेक्ट
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ एनके अग्रवाल ने बताया कि बच्चों को बिना डरे और फोबिया से कैसे दूर रखें. इसके लिए टीकाकरण टीम को चाहिए कि वे बच्चों के साथ पहले प्यार से समझाएं और उनके डर को दूर करने के बाद ही टीका लगाएं. उन्होंने कहा कि इसका साइड इफेक्ट बिल्कुल ही नहीं है, जो बच्चे इंजेक्शन के नाम से ही डरते हैं, उनके प्रति सामान्य बच्चों से अलग व्यवहार करना चाहिए.
यह परेशानी हो तो अभिभावक घबराएं नहीं
डब्ल्यूएचओ के मेडिकल ऑफिसर डॉ एसएम त्रिपाठी ने बताया कि बुखार आना, इंजेक्शन वाले स्थान पर हल्का सूजन होना, इंजेक्शन लगने वाले स्थान पर हल्का दर्द, चक्कर आना व सिर भारी होना सामान्य बात है. ऐसी स्थिति में अभिभावक भी घबराएं नहीं. बल्कि, डॉक्टर को पूरी बात बता दें. पटना में करीब पांच लाख से ज्यादा बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है. लेकिन, अभी तक किसी भी बच्चे में दिक्कत नहीं मिली है.