पटना : तेजस्वी क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ मार्च कर रहे थे : सुशील मोदी

पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि जब एनडीए सरकार भी विश्वविद्यालय को ही इकाई मान कर नौकरियों में दलितों-पिछड़ों को रिजर्वेशन देने की हिमायती है. सरकार याचिका दायर कर रोस्टर प्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलीलें मजबूती के साथ रख भी चुकी है, तब तेजस्वी यादव […]

पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि जब एनडीए सरकार भी विश्वविद्यालय को ही इकाई मान कर नौकरियों में दलितों-पिछड़ों को रिजर्वेशन देने की हिमायती है.
सरकार याचिका दायर कर रोस्टर प्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलीलें मजबूती के साथ रख भी चुकी है, तब तेजस्वी यादव क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली में पैदल मार्च कर रहे थे. क्या उनका कृत्य बाब साहब की बनायी संवैधानिक व्यवस्था और न्यायपालिका की मानहानि नहीं है. जिस मुद्दे पर विरोधी दल हमसे सहमत हैं, उस पर मार्च निकालने की कोई जरूरत नहीं थी. सिर्फ नेशनल मीडिया के कैमरों में चेहरा चमकाने से कोई राष्ट्रीय नेता नहीं बन जाता.
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा है कि बेनामी संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग ने राबड़ी देवी और उनकी पांचवीं बेटी की तीन बेनामी प्लॉट जब्त कर लिया है. उधर, तेजस्वी यादव ने जिस मायावती के पैर छू कर गुलदस्ता भेंट किया था, उनके शासनकाल में हुए एक हजार 400 करोड़ के स्मारक घोटालों में लिप्त लोगों का गठबंधन देश के ईमानदार प्रधानमंत्री को हटाने की साजिश में कभी कामयाब नहीं होगा.
उन्होंने आगे लिखा है कि हरियाणा विधान सभा के जिंद उपचुनाव में भाजपा की जीत और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का तीसरे स्थान पर रह जाना एक संकेत है कि भगवान के चित्रों की पूजा के बजाये उनका मनमाना दुरुपयोग करने वालों का भविष्य अंधकारमय होने वाला है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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