पटना : केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल एक फरवरी को आम बजट पेश करेंगे. ये बजट 2019 लोकसभा चुनाव से पहले इस सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा. इस कारण उद्योग और कारोबार जगत के लोग काफी उम्मीद लगाये बैठे हैं कि सरकार दरियादिली दिखायेगी और टैक्स में उन्हें तमाम राहतें मिलेंगी.
कई तरह के अप्रत्यक्ष टैक्स की जगह अब गुड्स एंड सर्विस टैक्स ने ले ली है. एक डर ये भी है कि कहीं और टैक्स की मार नहीं पड़े. ऐसे में अब सबकी निगाहें इनकम टैक्स पर लगी हुई हैं. बजट में कहां-कहां, किसे-किसे कितनी राहत मिल सकती है, इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. हालांकि चुनावी साल और उद्योग व कारोबार जगत को काफी उम्मीदें है.
बजट से उद्यमी और कारोबारियों काे हैं ढेरों उम्मीदें
वर्ष 2019-20 के बजट में केंद्र सरकार का संकल्प ‘सबका साथ सबका विकास’ के आलोक में बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने दिया जायेगा. यदि इसमें सरकार को असुविधा है तो विशेष पैकेज की घोषणा की जाने की उम्मीद है.
– पी के अग्रवाल, अध्यक्ष, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
वित्त मंत्री से यह उम्मीद करते है कि लॉग टर्म कैपिटल गेन पर से टैक्स हटाया जाना चाहिए. इसके अलावा वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा होती है तो जीएसटी के बाद वस्त्र उद्योग में गिरावट को नया जीवन मिलेगा.
पुरुषोतम कुमार चौधरी, सचिव, पटना थोक वस्त्र व्यवसायी संघ
75 लाख वार्षिक बिक्री करने वाले खुदरा विक्रेताओं को जीएसटी से मुक्त करने की बात केंद्र सरकार ने सार्वजनिक रूप से की थी, लेकिन 40 लाख पर ही सहमति हो पायी है. खुदरा विक्रेताओं को उम्मीद है कि 75 लाख के दायरे में किया जायेगा.
-रमेश तलरेजा, महासचिव बिहार खुदरा विक्रेता संघ
वायर और केबल का सेल वैल्यू और आम जनता की इस वस्तु की आवश्यकता ज्यादा होने के कारण वैट में 6 फीसदी कर था, जबकि शेष बिजली के सामानों में 15 फीसदी था. वायर और केबल में कर की दर वर्तमान दर कम होने से राहत मिलेगी.
-संदीप सर्राफ, अध्यक्ष, बिहार इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स एसोसिएशन
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पिछले कई सालों से की जा रही है. अब उम्मीद है कि मांग को वित्त मंत्री राज्य के 11 करोड़ जनता की मांग को अवश्य पूरा करेंगे. जिससे राज्य के आद्योगिकरण का विकास हो सके.
-कमल नोपानी, चेयर मैन, कैट (बिहार)
