दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक इंप्लायज एवं ऑफिसर्स फेडरेशन के संयुक्त सम्मेलन का आयोजन
पटना : बैंकों के समक्ष बढ़ता एनपीए एक बड़ी चुनौती है और इससे पार पाने के लिए ऋण वसूली नीति में अामूलचूल परिवर्तन कर उसे कारगर बनाना होगा.
शनिवार को आइएमए हॉल में दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक इंप्लायज एवं ऑफिसर्स फेडरेशन के संयुक्त सम्मेलन का उदघाटन करते हुए यूनाइटेड फोरम ऑफ आरआरबी यूनियन्स के संयोजक डीएन त्रिवेदी ने आगे कहा कि जन प्रतिनिधित्व कानून में संशोधन कर एक करोड़ से ज्यादा के डिफॉल्टर नागरिकों को जनप्रतिनिधित्व अधिकार से वंचित करना होगा, तभी सरकारी क्षेत्र के बैंकों को बचाया जा सकता है. एआइबीओए, बिहार के महामंत्री डॉ कुमार अरविंद ने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय उन्हें कॉरपोरेट सेक्टर के हाथों सौंपने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कर रही है.
इस अवसर पर बीपीबीईए के महामंत्री अनिरुद्ध कुमार, उपमहामंत्री संजय तिवारी, मध्य बिहार ग्रामीण बैंक इंप्लॉयज एवं ऑफिसर्स फेडरेशन के महासचिव नदीम अख्तर व अश्विनी कुमार ने भी अपने विचार रखे.
