प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क आवास योजना (पीएमजीएसवाइ) का फेज- टू अप्रैल से
पटना : प्रदेश में पीएमजीएसवाइ का दूसरा चरण अप्रैल से शुरू हो रहा है. पहले फेज में प्राथमिकता के आधार पर तीन हजार किलोमीटर सड़क की निर्माण होगा. यह वह सड़कें हैं तो प्रखंड को जिला मुख्यालय या अनुमंडल से जोड़ती है.
जिन पर ट्रैफिक का प्रेशर अधिक है. पीएमजीएसवाइ की सड़कें अब साढ़े पांच मीटर चौड़ी होगी. राज्य में पीएमजीएसवाइ का पहला चरण पूरा हो गया है. पीएमजीएसवाइ कोर नेटवर्क की सारी सड़केें स्वीकृत हो गयी है. पीएमजीएसवाइ में अब सिर्फ पुलों की स्वीकृति बची हुई हैं. ऐसे भी राज्य सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 वर्ष के अंत तक राज्य की सभी बसावटों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य तय कर रखा है. राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग के पास 1.12 लाख किलोमीटर सड़क है. इसमें पीएमजीएसवाइ की 56769 किलोमीटर सड़क है.
अब तक 49054 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है : पीएमजीएसवाइ में अब तक 49054 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है. 7714 किलोमीटर सड़क का निर्माण चल रहा है. पीएमजीएसवाइ कोर नेटवर्क में शामिल सभी सड़कों के स्वीकृत हो जाने के बाद अप्रैल यानी अगले वित्तीय वर्ष में राज्य में पीएमजीएसवाइ फेज टू शुरू होगा. देश के कई राज्यों में फेज टू शुरू हो गया है. पूर्व में केंद्र के असहयोगात्मक रूख के कारण पीएमजीएसवाइ के कार्यान्वयन में देरी हुई.
ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख ने बताया कि पीएमजीएसवाइ फेज टू में पहले 3000 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा. पूर्व की सड़कों को ही चौड़ा किया जायेगा. पीएमजीएसवाइ की सड़कें अभी 375 मीटर चौड़ी होती है. अब नयी सड़क जो बनेगी वह साढ़े पांच मीटर चौड़ी होगी. इस सड़क के निर्माण पर प्रति किलोमीटर 90 लाख से एक करोड़ का खर्च आयेगा. पहले सड़क के निर्माण पर 60 से 70 लाख का खर्च आता था.
