पटना : सूबे के विश्वविद्यालयों का शैक्षणिक कैलेंडर पटरी पर नहीं आ सका है. राजभवन ने सभी विश्वविद्यालयों को दिसंबर, 2018 तक शैक्षणिक सत्र नियमित करने का लक्ष्य दिया था, लेकिन कई विश्वविद्यालयों में अब भी पिछले डेढ़ से दो साल से परीक्षाएं और रिजल्ट अटके हुए हैं. हालांकि पटना विश्वविद्यालय और मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विवि, पटना का सत्र नियमित है.
2017 की परीक्षा 2018 में ली गयी
मिली जानकारी के मुताबिक भीमराव आंबेडकर बिहार विवि मुजफ्फरपुर में वर्ष 2017 में एक भी परीक्षा नहीं हो सकी. इस विवि में वर्ष 2017 की स्नातक की परीक्षा मार्च, 2018 में ली गयी. यहां पीजी में वर्ष 2018-20 सत्र के लिए एडमिशन नहीं हो सका है. मगध विवि में स्नातक (वर्ष 2017-19) के पहले सत्र की परीक्षा दिसंबर, 2018 में होनी थी, लेकिन उसके लिए फॉर्म तक नहीं भराया जा सका है.
इसका पीजी सेमेस्टर भी करीब डेढ़ साल लेट है. इसी तरह तिलका मांझी विवि भागलपुर और बीएन मंडल विवि मधेपुरा में स्नातक का सत्र छह माह और पीजी का सत्र लगभग डेढ़ से दो साल के विलंब से चल रहा है. वीर कुंवर सिंह विवि, आरा का शैक्षणिक कैलेंडर भी छह महीने से एक साल विलंब है.
वहीं जयप्रकाश विवि, छपरा का पटरी से उतरा कैलेंडर वापस पटरी पर नहीं आ सका है. नालंदा खुला विवि में अगस्त में होने वाला नामांकन दिसंबर माह तक चलता रहा.
दिया था लक्ष्य
राजभवन ने दिसंबर, 2018 तक शैक्षणिक सत्र नियमित करने का
लक्ष्य दिया था.
पूर्णिया विवि का प्रदर्शन अच्छा
तीन नये विश्वविद्यालयों में पूर्णिया का प्रदर्शन अच्छा है. पिछले साल 18 मार्च को अस्तित्व में आये इस विवि ने दिसंबर में पीजी प्रथम सेमेस्टर सत्र की परीक्षा लेकर रिजल्ट भी घोषित कर दिया है. पाटलिपुत्र विवि में मई, 2018 में होने वाला एडमिशन अभी लिया जा रहा है.
- कई विवि में डेढ़ से दो साल से परीक्षाएं और रिजल्ट लंबित
- बीआरए बिहार विवि में 2017 में नहीं हुई एक भी परीक्षा
- सिर्फ पटना विवि व मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विवि का सत्र नियमित
