पटना : हमारा समाज आज किस ओर जा रहा है? अगर मन की बात नहीं हुई तो लोग किसी भी तरह का उपाय करने से नहीं चूक रहे हैं. अपनी इच्छा पूर्ति या बदले की भावना से पुलिस के कंधे पर रख कर बंदूक चलाने की कोशिश की जाती है.
गलत प्राथमिकी दर्ज करा देते हैं, ताकि अगला उनके कदमाें में झुक जाये और अपनी बातों को मनवा लें और फिर केस में समझौता कर दें. पटना में इस तरह के कई मामले सामने आते रहते हैं. इसमें गलत जानकारी देकर प्राथमिकी दर्ज करा दी जाती है. हाल में ही महिला थाने में एक लड़की ने दुष्कर्म का केस दर्ज किया.इसमें उसने बयान दिया कि कुछ युवकों ने उसके साथ गैंपरेप की घटना को अंजाम दिया है. पुलिस ने उसके बयान के आधार पर मामला तो दर्ज कर लिया. लेकिन जब मामले की जांच की तो प्रथम दृष्टया यह पता चला कि यह आपसी विवाद का नतीजा है. लड़की ने जिस लड़के और उसके साथियों पर आरोप लगाया वह भी उसकी चचेरी बहन का देवर था.
नहीं हुई गैंगरेप की पुष्टि
इसके बाद पुलिस ने लड़की की मेडिकल जांच करायी. लेकिन मेडिकल जांच में भी गैंगरेप की पुष्टि नहीं हो पायी. इसके अलावा लड़की ने यह बताया था कि उसे पटना के बाहर सुनसान जगह पर ले जाया गया था और वहीं घटना को अंजाम दिया गया था. वह किसी तरह से वहां से बच कर भागी है.
इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल का लोकेशन निकाला तो वह एक्जीबिशन रोड इलाके का निकला. इसके साथ ही जिस लड़के पर लड़की ने आरोप लगाया है वह उससे साल भर से काफी-काफी देर बात करती रही है. लड़की का दिया गया सारा बयान जांच में गलत निकला. फिलहाल पुलिस के समक्ष यह साबित हो चुका है कि लड़की ने जो उन लोगों को जानकारी दी है, वह गलत है. हालांकि मामले में अभी भी जांच चल रही है.
