पटना : राज्य में बालू की बढ़ती कीमत पर लगाम लगाने संबंधी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश का असर दिखने लगा है. अब पटना सहित अन्य स्थानों पर प्रति सौ सीएफटी बालू करीब 3200 रुपये में आसानी से मिलने लगा है.
वहीं दिसंबर, 2018 के पहले सप्ताह तक इसकी कीमत पटना सहित अन्य स्थानों पर करीब पांच हजार प्रति सौ सीएफटी थी. बालू की कीमत घटने से निर्माण कार्यों में तेजी आयी है. इससे इस क्षेत्र में लगे लोगों के रोजी-रोजगार के अवसर बढ़े हैं.
सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार की तय दर के अनुसार नदी घाटों (पिट्स हेड) पर प्रति सौ सीएफटी बालू 1050 रुपये में उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाया जाना था. उस पर उपभोक्ताओं को परिवहन खर्च अलग से वहन करना था. इस तरह पटना में परिवहन खर्च सहित बालू की कीमत करीब 2500 रुपये प्रति सौ सीएफटी होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं है. वहीं भागलपुर, पूर्णिया और कटिहार जिले में इसकी कीमत करीब 3700 रुपये प्रति सौ सीएफटी है.
पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने भी आम लोगों को उचित दर पर बालू
उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का निर्देश खान एवं भूतत्व विभाग के अधिकारियों को दिया था. इसके बाद विभाग हरकत में आया और बालू के कई विक्रय केंद्रों पर अधिकारियों की तैनाती की. विभाग द्वारा की गयी व्यवस्था के अनुसार पटना में तीन स्थानों पर ब्रॉडसन कंपनी बोर्ड लगाकर बालू बेच रही है. वहां से उपभोक्ताओं को प्रति सौ सीएफटी बालू 3200 रुपये में मिल रहा है.
मूल्य नियंत्रण का दिखने लगा असर
खान एवं भूतत्व विभाग के सहायक निदेशक संजय कुमार ने कहा कि प्रदेश में बालू की कमी नहीं है. सरकार की निर्देश के बाद बालू पर मूल्य नियंत्रण किया गया है. इसका असर दिखने लगा है. बालू की कीमत घट रही है .
