पटना : पटना विश्वविद्यालय में कॉलेजों व विभागों को एक्सट्रा कुरिकुलम एक्टिविटीज (अतिरिक्त पाठ्येत्तर कार्य) कराने होंगे. वर्तमान में कुछ कॉलेज रेगुलर इंटरवल पर कार्यक्रम करा रहे हैं, लेकिन अभी भी कई कॉलेज इसे फॉलो नहीं कर रहे हैं.
नये वर्ष में सभी कॉलेजों व विभागों को इसे अनिवार्य रूप से लागू करना होगा. कॉलेजों व विभागों को अपना खुद का स्पोर्ट्स व कल्चरल कैलेंडर बना कर उसके अनुरूप कार्यक्रम कराने हैं. यह नैक के प्वाइंट ऑफ व्यू से भी जरूरी है, क्योंकि जितने अधिक इवेंट होंगे, उतना नैक के मामले में कॉलेजों व विश्वविद्यालय को इसका फायदा होगा. इससे विवि व कॉलेजों को अच्छी ग्रेडिंग में मदद मिलेगी.
विवि को देनी होगी जानकारी : सभी कॉलेजों व विभागों को कैलेंडर बना कर उसकी जानकारी विवि को देगी होगी. यही नहीं उक्त तिथियों पर कार्यक्रम हुए या नहीं हुए, उसकी पूरी डिटेल के साथ व फोटोग्राफ के साथ विवि के स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन कार्यालय को सूचित करना होगा.
कॉलेजों व विभागों में अमूमन ऐसा देखा गया है कि पारंपरिक तरीके से पढ़ाई के अलावा ज्यादा-से-ज्यादा कभी कोई सेमिनार या वर्कशॉप हो जाते हैं, वह भी कभी कभार ही होते हैं.
स्पोर्ट्स एक्टिविटी व कल्चरल एक्टिविटीज के नाम पर गतिविधियां न के बराबर हैं. साइंस कॉलेज, वाणिज्य कॉलेज व मगध महिला कॉलेज में स्पोर्ट्स की एक्टिविटीज होती रहती हैं. बाकी अन्य काॅलेज इसमें पीछे हैं. शताब्दी वर्ष पर विवि द्वारा जो वार्षिक कार्यक्रमों की सूची जारी की गयी थी, उसके अनुसार पूरे वर्ष कार्यक्रम हुए थे, लेकिन उसके बाद कार्यक्रम फिर से शिथिल पड़ गये हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
सभी कॉलेज व विभागों को एक्सट्रा कुरिकुलम एक्टिविटी को बढ़ाना होगा. जो एक्टिविटी वे करायेंगे उसकी सूचना स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन कार्यालय को देनी होगी. यहां उनका संकलन होगा. यह नैक के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है. सिर्फ क्लास व पढ़ाई से शैक्षणिक विकास तो होता है, लेकिन कार्यक्रम कराने से छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है.
प्रो एनके झा, स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन, पीयू
