ग्रामीण कार्य विभाग ने बनाया मॉडल इस्टीमेट
पटना : राज्य की एक लाख किलोमीटर से अधिक लंबी ग्रामीण सड़कों की मरम्मत होगी. पहले चरण में 36 हजार किलोमीटर सड़कों का रखरखाव किया जायेगा.
नयी मेंटनेंस पॉलिसी के तहत अब ग्रामीण सड़कों की मरम्मत पर पांच साल में 27 से 42 लाख तक खर्च होंगे. ग्रामीण कार्य विभाग ने मरम्मत के लिए मॉडल इस्टीमेट बनाया है. विभाग अब इसी इस्टीमेट के आधार पर सड़कों की तत्काल मरम्मत और पांच साल तक उसका रखरखाव करेगा.
ग्रामीण कार्य विभाग के पास 1.29 लाख किलोमीटर सड़क हैं. इसमें करीब 80 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण हो चुका है. पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा की थी और सड़कों के रखरखाव के लिए नयी मेंटनेंस पॉलिसी बनाने को कहा था.
उनके निर्देश पर नयी मेंटनेंस पॉलिसी बनी भी. विभाग ने नयी मेंटनेंस पॉलिसी के आधार पर तत्काल अपनी 36 हजार किलोमीटर सड़कों के रखरखाव के लिए एक व्यापक कार्ययोजना बनायी है. विभागीय स्तर पर एक मॉडल इस्टीमेट बना है. विभाग के अभियंता प्रमुख सुभाष चंद्र ने बताया कि मंगलवार को इस मॉडल इस्टीमेट को विभाग को समर्पित कर दिया जायेगा.
पांच साल तक रखरखाव के लिए राशि की व्यवस्था
ग्रामीण कार्य विभाग ने जो मॉडल इस्टीमेट बनाया है, उसमें मरम्मत और पांच साल तक रखरखाव के लिए अधिक राशि की व्यवस्था की गयी है. सड़कों को दो श्रेणी में बांटा गया है. एक जो लंबाई में कम हैं और आवागमन का दबाव कम है. इस तरह की सड़कों के लिए 27 लाख का मॉडल इस्टीमेट है.
8 लाख तत्काल मरम्मत पर खर्च होंगे और 19 लाख पंचवर्षीय रखरखाव पर खर्च होंगे. आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण और लंबी दूरी की ग्रामीण सड़कों के मरम्मत और पांच साल के रखरखाव पर 42 लाख खर्च होंगे. इस इस्टीमेट में 8 लाख तत्काल मरम्मत और 34 लाख पांच साल के रखरखाब पर खर्च होंगे. सड़कें पहले की तुलना में अधिक मजबूती के साथ मरम्मत होगी. इसके लिए मशीनरी का उपयोग होगा.
…पहले मरम्मत में पौने इंच पीचिंग होती थी. अब पेभर के जरिए तीन इंच की पीचिंग होगी. सड़क सुरक्षा पर खास ख्याल रखा जा रहा है. ग्रामीण सड़कों पर भी साइनेज लगाया जा रहे हैं. सड़कों के किनारे पौधारोपण भी होंगे.
सड़कों की मरम्मत और सालाना रखरखाव पर पहले की तुलना में अधिक खर्च होंगे. इसके लिए विभाग ने मॉडल इस्टीमेट बनाया है. सड़क मरम्मत और रखरखाव में गुणवत्ता का खास ख्याल रखा जायेगा.
सुभाषचंद्र, अभियंता प्रमुख, ग्रामीण कार्य विभाग
