पटना : कदमकुआं थाना क्षेत्र के नाला राेड में मौजूद आंबेडकर भवन का छज्जा शुक्रवार की सुबह भरभरा कर गिर गया. इस दौरान छज्जे के नीचे बैठ कर धूप सेंक रही महिला और तीन बच्चियां मलबे में दब गयीं. बीते बुधवार को जहानाबाद में भी ऐसी ही घटना हुई थी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गयी थी. हालांकि यहां किसी की जान नहीं गयी.
वहां मौजूद लोगों ने मलबे में दबे लोगों को निकला और तत्काल पीएमसीएच ले गये. सभी लोगों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां इलाज चल रहा है. दो की हालत गंभीर बनी हुई है. इस दुर्घटना में कबूतरी देवी (35 वर्ष), गौरी (10 वर्ष), माला (12 वर्ष), शांति (09 वर्ष) घायल हैं. महिला का पैर टूट गया है, जबकि तीनाें बच्चियों के सिर में चोट आयी है.
1992 में हुआ था आंबेडकर भवन का निर्माण, 26 साल में ही हालत खराब
स्थानीय लोगों के मुताबिक आंबेडकर भवन का निर्माण 1992 में हुआ था. इसमें निगम के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी रहते हैं. भवन में करीब 100 परिवार रहते हैं. सुबह-सुबह छज्जा गिरने से आंबेडकर भवन के रहवासियों में दहशत फैल गयी. लोग चिल्लाने लगे. बचाने की गुहार लगाने लगे.
कदमकुआं थानेदार को फोन किया गया. अन्य पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे. स्थानीय लोगाें ने बताया कि भवन जर्जर हाे चुका है. कई बार मरम्मत को लेकर लिखित शिकायत की गयी, लेकिन जिला प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया.लोगों ने मांग की है कि सिर्फ टूटे हुए हिस्से को नहीं बल्कि पूरे भवन की मरम्मत करायी जाये.
घायलों से मिले विधायक अरुण सिन्हा
पटना. नाला रोड में अंबेदकर भवन का छज्जा गिरने के कारण दो लोग सावित्री देवी एवं गौरी कुमारी गंभीर रुप से घायल हो गये थे. इनका इलाज पीएमसीएच में चल रहा है. शुक्रवार को घायलों से मिलने विधान सभा में सत्तारुढ़ दल के उप मुख्य सचेतक सह कुम्हरार के विधायक अरुण कुमार सिन्हा अस्पताल गये और समुचित इलाज के लिए प्रभारी अधीक्षक से बात की.
घायलों से मिलने के बाद नाला रोड अम्बेदकर भवन गए एवं स्थल का निरीक्षण किया तथा बताया कि 2008 के करीब में अम्बेदकर कॉलोनी में रहने वाले लोगों को खाली करने का अनुरोध किया गया था ताकि नए भवन का निर्माण किया जा सके परन्तु इस भवन को खाली नहीं किया जा सका, और यह घटना घट गयी.
