पटना : नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीइ) की इस्टर्न रीजन काउंसिल (इआरसी) ने राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित तीन कॉलेजों में बीएड की 100-100 सीटें बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की है.
साथ ही एक कॉलेज में डीएलएड की 50 तथा एक में इंटीग्रेटेड बीए-बीएड व बीएससी-बीएड की 100-100 सीट की की स्वीकृति दी है. हाल में एनसीटीइ-इआरसी की 264वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया. इसके अलावा संबद्धता प्रदान करनेवाले संस्थान द्वारा स्वीकृत फैकल्टी लिस्ट, सरकारी इंजीनियर से स्वीकृत बिल्डिंग प्लान आदि नहीं सौंपने आदि कारणों को लेकर एनसीटीइ-इआरसी की ओर से पटना जिला समेत राज्य भर के 17 संस्थानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
इसके अलावा काउंसिल ने वैशाली स्थित जेआरए टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के आवेदन को अस्वीकृत कर दिया है. इस संस्थान की ओर से डीएलएड की सीट बढ़ाने के लिए आवेदन किया गया था.
इन संस्थानों में सीटों की स्वीकृति
– डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन, बीएन मंडल यूनिवर्सिटी, मधेपुरा : बीएड-100 सीट / एमएड : 50 सीट
– गौतम कॉलेज ऑफ एजुकेशन, कमलपुर, गरखा, छपरा : बीएड-100 सीट / डीएलएड : 100 सीट
– बैद्यनाथ शुक्ला कॉलेज ऑफ एजुकेशन, वैशाली : चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड व बीएससी-बीएड-100-100 सीट
बीएड एप पोस्ट पर जानकारी नहीं अपडेट करने वाले कई और कॉलेज रडार पर
पटना : बीएड एप पोस्ट पर कॉलेज जरूरी जानकारियों को अपडेट नहीं कर रहे हैं. इस वजह से राजभवन की ओर से अब तक 39 कॉलेजों पर कार्रवाई के तहत मान्यता पर संकट तो आ चुका है.
संबंधित विश्वविद्यालय को कार्रवाई करने का राजभवन ने आदेश जारी कर दिया है. लेकिन, इसके बाद भी कई कॉलेज अभी भी मांगी जा रही जानकारियों को एप पर अपडेट नहीं कर रहे हैं.
इस वजह से वे भी निशाने पर हैं और कभी भी ऐसे कॉलेजों पर गाज गिर सकती है. विश्वविद्यालयों को भी बीएड कॉलेजों को जरूरी जानकारियों को एप पोस्ट पर साझा करने को कहा है, अन्यथा इस संबंध में कार्रवाई की जायेगी.
महीने में सिर्फ दो बार जानकारियों को करना है अपडेट : बीएड एप पोस्ट पर महीने में सिर्फ दो बार ही बीएड कॉलेजों को उपस्थिति व क्लास की यथास्थिति के संबंध में फोटो और जानकारियों को अपडेट करना है. लेकिन, ये कॉलेज इसको नजरअंदाज कर रहे हैं. राजभवन इसको लेकर काफी सख्त हो चुका है.
राजभवन की ओर से पिछले 14 दिसंबर को भी कुलपतियों की बैठक में सख्त निर्देश दिये थे. उसके बाद से विश्वविद्यालयों ने भी कॉलेजों को कहा है जल्द ही बीएड एप पोस्ट पर मांगी जा रही जरूरी जानकारियों को साझा करें. लेकिन, अब तक जो जानकारियां प्राप्त हो रही हैं उसमें अभी भी कई कॉलेज इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.
