अपनी मांगों को लेकर एक दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं आशा
पटना : अपनी मांगों को लेकर एक दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सूबे में करीब 150 जगहों पर ट्रेनें रोक कर रेल परिचालन बाधित किया. आशा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले हड़ताल के 27वें दिन आशाओं ने राज्यव्यापी रेल रोको आंदोलन की घोषणा कर रखी थी. इस कड़ी में नालंदा, जहानाबाद, आरा, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, शेखपुरा, सासाराम, सीवान, दरभंगा सहित तमाम जिलों में ट्रेनों को रोका गया. भभुआ में इंटरसिटी एक्सप्रेस को रोक रही करीब 300 आशाओं को गिरफ्तार भी किया गया.
आशा मंच से जुड़े बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोप गुट) की अध्यक्ष शशि यादव, एक्टू राज्य सचिव रणविजय कुमार आदि के नेतृत्व में सैकड़ों आशा फुलवारीशरीफ रेलवे पटरी पर उतर गयी. इसके कारण सुबह 9.30 से 10.45 बजे तक दानापुर-राजगीर पैसेंजर ट्रेन प्लेटफाॅर्म नंबर एक पर खड़ी रही. इसका असर दिल्ली-हावड़ा रूट पर चल रहीं दूसरी ट्रेनों पर भी पड़ा. उनको भी जहां-तहां स्टेशनों पर खड़ा रखा गया. आशा नेत्री शशि यादव ने दावा किया कि गुरुवार को पूरे राज्य में 150 से अधिक स्थानों पर आशा कार्यकर्ताओं ने रेल रोकी.
मांगें नहीं मानीं तो 29 दिसंबर को सपरिवार धरना-प्रदर्शन : नेताओं ने कहा कि संगठन ने आशा कार्यकर्ताओं को 18000 मासिक मजदूरी (मानदेय) व सरकारी कर्मी का दर्जा देने सहित अन्य मांगों का प्रस्ताव सरकार को दिया है. अगर यह मांगें नहीं मानी गयीं तो राज्य भर की 90 हजार आशा सरकार के किसी भी स्वास्थ्य प्रोग्राम को सफल तो नहीं होने देगी. साथ ही सरकार के मंत्रियों, विधायकों का बिहार में चलना-फिरना भी रोकेंगी.
उन्होंने बताया कि 29 दिसंबर को राज्य के सभी जिला स्वास्थ्य समिति पर आशा कार्यकर्ता सपरिवार धरना-प्रदर्शन करेंगी. दो जनवरी 19 से सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सपरिवार जत्थेवार क्रमिक अनशन शुरू किया जायेगा तथा 8-9 जनवरी को ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय हड़ताल में पूरी ताकत व बड़ी संख्या में भाग लेते हुए राज्य के सभी जिलाधिकारी कार्यालय का सपरिवार घेराव किया जायेगा.
