पटना : अपराध पर काबू पाने और मजदूरों की मांगों के समर्थन में छह वामदलों ने नौ जनवरी को बिहार बंद की घोषणा की है. वाम दलों की गुरुवार को हुई संयुक्त प्रेस काॅन्फ्रेंस में कहा गया कि राज्य में आशा, आंगनबाड़ी, ममता, कूरियर के लाखों कामगार हड़ताल पर हैं.
स्वास्थ्य सेवा ठप है, लेकिन सरकार असंवेदनशील है. वाम दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस मामले में हस्तक्षेप कर कामगारों कh हड़ताल को खत्म करवाने की अपील की है. इन वाम दलों में भाकपा, माकपा, भाकपा माले, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट), आरएसपी और फाॅरवर्ड ब्लॉक शामिल हैं. संवाददाता सम्मेलन को माकपा के राज्य सचिव अवधेश कुमार, भाकपा माले के केडी यादव, भाकपा के पूर्व राज्य सचिव राजेंद्र प्रसाद, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) एमके पाठक और फारवर्ड ब्लॉक से अमेरिका महतो ने संबोधित किया.
उन्होंने कहा है कि किसानों की समस्या, महंगाई, बेरोजगारी, भूमिहीनों सहित अन्य मुद्दों पर सरकार विफल है. यहां किसानों की फसल खरीदने के लिए कोई इंतजाम नहीं किये गये हैं. अन्य राज्यों की तरह बिहार के किसानों का कर्ज माफ नहीं किया गया. किसानों की तबाही के साथ-साथ ग्रामीण मजदूरों का लगातार पलायन बढ़ता जा रहा है. उन्हें दूसरे राज्यों में प्रताड़ित और अपमानित होना पड़ता है.
