पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में 26 दिसंबर से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. इतना ही नहीं अगर परिसर में एमआर दवाओं का सैंपल दिखाते हुए पकड़े जाते हैं तो उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज होने के साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जायेगा.
अस्पताल प्रशासन ने सभी विभागों को नोटिस जारी कर कार्रवाई के तौर पर नियम को लागू कर दिया गया है. गौरतलब है कि पीएमसीएच के ओपीडी में एमआर की भीड़ लगी रहती थी जिससे मरीजों को भी परेशानी होती थी. ओपीडी के बाद डॉक्टर भी अपना समय एमआर पर ही देते थे जिससे अन्य कार्य प्रभावित होता था. विभागों को जारी नोटिस के अनुसार पहली बार परिसर में पकड़े जाने पर एमआर के कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत कर एमआर को फटकार लगायी जायेगी. वहीं दूसरी बार
पकड़े जाने पर पुलिस में मामला दर्ज कराया जायेगा.
सरकारी व जेनेरिक दवा ही लिखनी है
स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर पीएमसीएच प्रशासन ने एक नोटिस निकाला है. इस नोटिस के तहत ओपीडी आदि वार्डों में डॉक्टरों को आदेश जारी किया गया है कि डॉक्टर सरकारी दवाएं ही मरीजों को लिखें. वर्तमान समय में अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को अक्सर प्राइवेट कंपनी की दवाएं लिख देते थे. प्राइवेट कंपनी के दवाएं मरीजों को सरकारी दवा दुकान पर नहीं मिलती थीं. मरीजों को ये दवाएं निजी दुकानों से लेने पड़ते थे. ऐसी दवाएं काफी महंगी होती थीं.
..इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग में लगातार शिकायत आ रही थी. इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पीएमसीएच को पत्र लिखा और पत्र के बाद अस्पताल प्रशासन अलर्ट हुआ.
पीएमसीएच में मरीजों को महंगी दवाएं नहीं खरीदने पड़े, इसके लिए डॉक्टरों को सरकारी व जेनेरिक सस्ती दवाएं ही लिखने को कहा गया है. साथ ही एमआर के प्रवेश पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गयी है. इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने नोटिस भी जारी किया है.
– डॉ राजीव रंजन प्रसाद, अधीक्षक, पीएमसीएच
