पटना के ज्वेलरी मार्केट में खपाया जाता तस्करी का सोना

राजेंद्र नगर टर्मिनल से 70 लाख के सोने के साथ दो पकड़े गये थे पटना : सोना तस्करी का मुख्य नेटवर्क बांग्लादेश के ढाका में है. 22 दिसंबर को राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 70 लाख (मूल्य भारतीय बाजार में) के 24 कैरेट स्विस सोने की बरामदगी के बाद कई राज खुल रहे हैं. तस्करों से […]

राजेंद्र नगर टर्मिनल से 70 लाख के सोने के साथ दो पकड़े गये थे
पटना : सोना तस्करी का मुख्य नेटवर्क बांग्लादेश के ढाका में है. 22 दिसंबर को राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 70 लाख (मूल्य भारतीय बाजार में) के 24 कैरेट स्विस सोने की बरामदगी के बाद कई राज खुल रहे हैं. तस्करों से पांच सोने का छड़ बरामद किया गया था. 14 घंटे की कड़ी पूछताछ के बाद डीआरआइ (डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस) को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं. दोनों तस्करों राकेश कुमार और मनोज गुप्ता को जेल भेज दिया गया है. तस्करों को स्विस गोल्ड की डिलिवरी भारत व बांग्लादेश बॉर्डर के पास मालदा के कालीचक गांव में हुई थी. पूरी खेप का उपयोग पटना के ज्वेलरी मार्केट में किया जाना था. परंतु उससे पहले ही दोनों को दबोच लिया गया. बताया जाता है कि पहले भी राकेश ने पटना में ज्वेलरी शॉप मालिकों को तस्करी का सोना दिया है.
भारत-बांग्लादेश सीमा के पास मिली थी खेप
20 दिसंबर को यह सोने की खेप तस्करी कर पश्चिम बंगाल में मालदा के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारतीय क्षेत्र में लायी गयी थी. जानकारी यह भी मिली है कि मालदा जिले के कालीचक गांव में रोहित नाम के युवक से राकेश कुमार और मनोज गुप्ता की मुलाकात हुई. कालीचक भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से मुश्किल से 10-12 किलोमीटर की दूरी पर है. रोहित की नागरिकता की ठीक से कोई जानकारी नहीं है. कालीचक में ही राकेश को रोहित ने सोने की पांच छड़ें सौंपी और नकद में उसे 72 लाख का भुगतान किया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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