बीपी मंडल सेतु 19 दिसंबर से होगा चालू
पटना : खगड़िया जिले में कोसी व बागमती संगम पर आठ साल से बंद बीपी मंडल सेतु (डुमरी पुल) पर 19 दिसंबर से सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन शुरू हो जायेगा.
पटना से सहरसा, मधेपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों में आना-जाना अब और आसान हो जायेगा. पटना से इन जगहों की दूरी करीब 60 किलोमीटर कम हो जायेगी. दूरी घटने से सुविधा के साथ समय की बचत होगी. पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव पुनर्स्थापित बीपी मंडल सेतु का उद्घाटन करेंगे. महेशखूंट-पू़र्णिया एनएच 107 पर स्थित बीपी मंडल सेतु के चालू होने से पटना से सहरसा, मधेपुरा, सुपौल सहित आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने के लिए एक और रास्ता मिल जायेगा.
बाढ़ की वजह से बीपी मंडल सेतु के 30 पाये में से आठ पाये क्षतिग्रस्त हो गये थे. इससे सेतु पर वाहनों का परिचालन रोक दिया गया था. क्षतिग्रस्त हुए डुमरी पुल के मरम्मत को लेकर 22 नवंबर 2014 को हैदराबाद की कंपनी एसपी सिंघला को काम सौंपा गया था.
सेतु के बीच के आठ पाये को तोड़कर दो पाये व चार पायलन के सहारे बनाया गया है. इसमें एक पायलन के दोनों ओर सात-सात एचईपी वायर सहित छप्पन वायर के सहारे पुल को झूले के समान बनाया गया है. इस साल सितंबर माह में छाेटे-छोटे वाहनों के लिए परिचालन शुरू हो गया था. बड़े वाहनों के लिए एप्रोच रोड तैयार करने की वजह से इसे अब चालू किया जायेगा.
तय करनी पड़ती है अधिक दूरी
बीपी मंडल सेतु के 29 अगस्त 2010 में क्षतिग्रस्त होने के बाद से पटना से कोसी इलाके में जाने के लिए अधिक दूरी तय करना पड़ती है. लोगों को वाहनों से एनएच 57 से हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी व सुपौल होते हुए सहरसा व मधेपुरा जाना पड़ता है. क्षतिग्रस्त बीपी मंडल सेतु की जगह पानी कम होने पर स्टील पुल बना कर काम चलाया जा रहा है. इसमें केवल छोटे वाहनों के लिए सुविधा उपलब्ध है.
नदी में पानी अधिक होने पर उसे खाेल दिया जाता था. बीपी मंडल सेतु के दुरुस्त होने से लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी. अब पटना से मोकामा, बेगूसराय, खगड़िया, मानसी, महेशखूंट, करुआ मोड़, सिमरी बख्तियारपुर, बैजनाथपुर होते सहरसा व मधेपुरा जाने में सहूलियत होगी.
