पटना : प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए कई कंपनियां जमीन का इंतजार कर रही हैं. इस कारण राज्य में निवेश बाधित हो रहा है. इससे निबटने के लिए पिछले दिनों उद्योग विभाग ने सभी 38 जिला केंद्रों से उनके यहां उपलब्ध नौ सेक्टरों में जमीन का विवरण मांगा गया था. अब तक भेजे गये अक्टूबर 2018 तक के आंकड़ों में 619.23 एकड़ जमीन खाली है. वहीं, राज्य सुगर कॉरपोरेशन के पास करीब 2600 एकड़ जमीन पड़ी है. कैबिनेट के निर्णय के बावजूद यह जमीन बियाडा को नहीं सौंपी गयी है.
औद्योगिक जमीन
उद्योग विभाग के सूत्रों का कहना है कि राज्य के 38 जिलों में खादी बोर्ड, टेक्सटाइल, सेरीकल्चर, बीएसएफसी, बिसिको, बियाडा, जीएम डीआईसी, बीएसआईडीसी और आईडीए काम कर रहा है. इन सभी के लिए करीब 5741.94 एकड़ औद्योगिक जमीन बिहार में है.
सभी जिला उद्योग
केंद्रों के मिले आंकड़ों के मुताबिक सभी नौ सेक्टर से करीब 619.23 एकड़ जमीन खाली है.2000 करोड़ रुपये के निवेश का है प्रस्ताव
राज्य के निवेश आयुक्त सह बियाडा के प्रबंध निदेशक आरएस श्रीवास्तव के मुताबिक इस समय करीब 2000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव जमीन के इंतजार में है. इसमें आईटीसी जैसी कंपनियां शामिल हैं.
करीब तीन महीने पहले प्रिया गोल्ड का बिहार में 250 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव आया था. यह कंपनी बिहटा में करीब 15 एकड़ जमीन चाहती थी, लेकिन समय पर जमीन नहीं देने के कारण इस कंपनी ने ओडिशा में निवेश कर दिया.
