पटना : राज्य में दारोगा के 1717 पदों की बहाली के लिए ली गयी पीटी परीक्षा को रद्द करने की मांग को फिलहाल ठुकराते हुए पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और बोर्ड से जवाब तलब किया है.
न्यायाधीश शिवाजी पांडेय की एकलपीठ ने स्वदेश प्रकाश सहित सैकड़ों अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गयी रिट याचिकाओं को एक साथ सुनते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि दरोगा बहाली के लिए ली गयी परीक्षा में पेपर लीक संबंधी मामले को लेकर दर्ज हुई तीन प्राथमीकियों की स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई पर कोर्ट में पेश करें. याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 1717 दारोगा की भर्ती हेतु बिहार पुलिस अवर सेवा भर्ती चयन पर्षद ने परीक्षा ली थी. परीक्षा पिछले वर्ष प्रकाशित विज्ञापन संख्या 1/2017 के आलोक में ली गयी थी. पीटी में परीक्षा केंद्र पर कुछ अभ्यर्थी प्रश्नपत्र की फोटो मोबाइल से खींचते पकड़े गये थे. मामले की अगली सुनवाई आठ जनवरी, 2019 को होगी.
होमियोपैथिक कॉलेजों में नामांकन मामले में संबंधित कॉलेजों से जवाब तलब : पटना. सूबे में होमियोपैथिक कॉलेजों के छात्रों के एडमिशन की वैधता के मामले में पटना हाईकोर्ट ने निजी होमियोपैथिक कॉलेजों से जवाब तलब किया है. कोर्ट ने होमियोपैथिक कॉलजों को निर्देश दिया कि वे एक सप्ताह में बताएं कि वर्ष 2016-17 के लिए छात्रों का दाखिला नियमावली के तहत हुआ या नहीं?
कोर्ट ने मांगी ड्राइवर बहाली में चुने गये उम्मीदवारों की ओएमआर शीट : पटना. पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि ड्राइवर बहाली के लिए ली गयी परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट को कोर्ट में पेश करे. मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ओएमआर शीटों को 17 जनवरी 2019 को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है.
