पटना : राजा बाजार में शाम करीब साढ़े चार से पांच बजे के बीच की बात है. एक मेडिकल एंबुलेंस सायरन बजा रही थी, लेकिन जाम खत्म नहीं हो रहा था.
एंबुलेंस को रास्ता देने की बजाय लोग अगल-बगल से एंबुलेंस के आगे निकलने का प्रयास करते दिखे. हालात ये बने कि राजा का बाजार में महज आधा किलोमीटर दूरी पार करने में एंबुलेंस को करीब बीस मिनट का समय लग गया. एंबुलेंस में भीतर मरीज के परिजन वाहनों को बेबसी के साथ देख रहे थे. अंतत: एंबुलेंस चालक ने आईजीआईएमएस के सामने मरीज की स्थिति को देखते हुए रॉन्ग साइड एंबुलेंस दोड़ा दी.
चूंकि दूसरी तरफ का रास्ता करीब-करीब साफ था, इसलिए एंबुलेंस चालक ने यह कदम उठाया. इससे पहले चालक ने न केवल लगातार सायरन बजाया बल्कि लोगों से रास्ता देने का आग्रह भी किया. फिलहाल इस घटना में सबसे चौंकाने वाली बात थी कि एंबुलेंस के सामने वाहनों की कतार में एक अफसर की सरकारी गाड़ी भी चल रही थी, उस अफसर ने भी जाम में फंसी एंबुलेंस को निकालने के लिए कोई पहल नहीं की. इस दिशा में लोगों को जागरुक करने की जरूरत है.
अन्यथा भविष्य में ग्रीन काॅरीडोर बनाने का सपना धरा-का-धरा रह जायेगा. फिलहाल पूरी उम्मीद है कि एंबुलेंस चालक के सकारात्मक प्रयास से मरीज को सही समय पर इलाज मिल सका होगा.
(एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक )
