पटना : असंतुलित दिनचर्या व खान-पान के कारण पटना सहित पूरे बिहार में बहुत तेजी से लोग मधुमेह बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. वर्तमान समय में 30 प्रतिशत आबादी इस बीमारी से पीड़ित है. इसमें 20 प्रतिशत लोग शहरी हैं जबकि 10 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं.
इनकी संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है. यह बातें गार्डिनर रोड अस्पताल के अधीक्षक डॉ मनोज कुमार सिन्हा ने अस्पताल में मंगलवार को आयोजित विश्व मधुमेह दिवस पर कही. कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने किया. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि अब सूबे के सभी सरकारी अस्पतालों में मधुमेह की दवाएं मरीजों को नि:शुल्क दी जायेंगी. इसका आदेश जारी कर दिया गया है. सरकारी कंपनी की ओर से पर्चेज का काम भी शुरू कर दिया गया है. बहुत जल्द मरीजों को मधुमेह की दवाएं नि:शुल्क मिलना शुरू हो जायेगी.
कम उम्र वाले भी आने लगे हैं मधुमेह की चपेट में : मंत्री ने बताया कि पहले 40 साल से अधिक उम्र के लोगों में मधुमेह की बीमारी होती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोगों में भी यह बीमारी पायी जा रही है. उन्होंने कहा कि अपनी नियमित दिनचर्या से इस बीमारी पर काबू पा सकते हैं. लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूकता उत्पन्न हो, इसके लिए 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस का आयोजन किया जाता है. सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर व नि:शुल्क दवा आदि का वितरण किया गया. इस मौके पर राज्य स्वास्थ्य समिति के कई पदाधिकारी व डॉक्टर मौजूद थे.
पटना. लेप्रोस्कोपी सर्जरी एक सुविधाजनक सर्जरी है. जिसमें मरीज कोतकलीफ कम होती है और डॉक्टर का समय भी बचता है. हर्निया, गॉल ब्लॉडर व बच्चेदानी की गांठ या रसौली, अंडनली की रुकावट, अंडाशय और अंडनली के ट्यूमर, बच्चेदानी में सेप्टम जैसी कई बीमारियों का इलाज इससे होता है. यह कहना है दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के डॉ प्रवीण भाटिया का.
मंगलवार को पीएमसीएच व अखिल भारतीय एसोसिएशन ऑफ सर्जरी की ओर से एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन पीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ अजीत कुमार वर्मा व एएसआई के सचिव व आईजीआईसी के डॉ अशोक कुमार सिन्हा ने किया.
