फुलवारीशरीफ : पटना एम्स के रेजीडेंस डाॅक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को एक दिन के सांकेतिक हड़ताल पर रह कर कार्य का बहिष्कार किया,लेकिन फैक्लटी मेंबर ने ओपीडी का मोर्चा संभाला और देर शाम तक मरीजों को देखा. इमरजेंसी एंड ट्रॉमा में मरीजों को कोई दिक्कत नहीं हुई. वहीं, आॅपरेशन भी आम दिनों की तरह चलता रहा . कार्य बहिष्कार की बात की जानकारी देते हुए रेजीडेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ विनय कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले निदेशक को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया दिया था, मगर कोई आश्वासन नहीं मिलने पर कार्य बहिष्कार का फैसला किया गया.
कार्य बहिष्कार की सूचना मिलते ही एम्स के निदेशक डाॅ पीके सिंह ने बुलाया और सारी मांगों पर बातचीत हुई. एम्स निदेशक ने दस दिनों का समय मांगा है. इसके बाद रेजीडेंस डाॅक्टर एसोसिएशन के सारे डाॅक्टरों की बैठक हुई और यह निर्णय लिया गया कि एम्स प्रशासन को दस दिन का समय दिया जाये. तय समय पर अगर उन लोगों की मांगें नहीं मांगी गयी तो फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया गया.
इधर, देर शाम सारे रेजीडेंस डाॅक्टर इमरजेसी एंड ट्रॉमा में सेवा देना शुरू कर दिया. मंगलवार को ओपीडी और आइपीडी में डाॅक्टर काम करेंगे. निदेशक एम्स डाॅ प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि रेजीडेंस डाॅक्टर ने दस दिनों का समय दिया है. उनकी सारी मांगें पूरी कर दी गयी हैं.
इमरजेंसी एंड ट्रॉमा में सुरक्षा के लिए सुरक्षा प्रहरियों को तैनात कर दिया गया है. छात्रवास की समस्या भी हल हो चुकी है. शादीशुदा डाॅक्टरों के लिए फैमिली क्वार्टर की कमी है मगर बेचलर के लिए संख्या में छात्रवास है.
