अनिकेत त्रिवेदी
पटना : रेरा के बढ़ते प्रभाव और सरकार के विभिन्न विभागों की तेजी दिखाने के बाद जिले में मकानों, फ्लैट और जमीन की रजिस्ट्री पर आंशिक ही सही ब्रेक जरूर लग गया है. हालात ऐसे हैं कि त्योहार के मौसम में भी रेरा के तकनीकी पेच से संपत्तियों की रजिस्ट्री घट कर एक तिहाई कम हो गयी है.
लोग दुर्गापूजा से लेकर अब तक काफी कम संख्या में रजिस्ट्री कराने आ रहे हैं. ऐसे में जिला निबंधन कार्यालय के आमदनी में भी गिरावट अायी है. जानकारी के अनुसार रजिस्ट्री विभाग से 30 अगस्त को जिला निबंधन कार्यालय में लिखित आदेश आया था कि सितंबर से बगैर रेरा के निबंधन कराये फ्लैटों व बड़े जमीनी प्लॉटों की रजिस्ट्री नहीं की जाये, इसके बाद से ही गिरावट आयी है.
एक माह में मात्र 75 फ्लैटों की रजिस्ट्री
इस वर्ष अक्टूबर माह में मात्र 75 फ्लैटों का निबंधन कराया गया है. इसमें रजिस्ट्री के अलावा एग्रीमेंट कराने का भी मामला है. बीते वर्ष अक्टूबर माह में इससे लगभग तीन गुना अधिक 185 फ्लैटों की रजिस्ट्री करायी गयी थी. यानी बीते वर्ष जहां छह करोड़ आठ लाख का निबंधन शुल्क वसूला गया था, जबकि इस वर्ष अक्टूबर में मात्र दो करोड़ 36 लाख रुपये का निबंधन शुल्क वसूल किया गया है. वहीं इसी वर्ष जब तक रेरा का पेच नहीं लगा था, तब तक एक जुलाई से 31 अगस्त तक 652 फ्लैटों की रजिस्ट्री हुई थी, इसमें 21 करोड़ रुपये आठ लाख का निबंधन शुल्क वसूला गया था वहीं एक सितंबर से 30 अक्टूबर तक 136 फ्लैटों की रजिस्ट्री करायी गयी थी. चार करोड़ 18 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया.
जमीन निबंधन के मामले भी घटे
फ्लैट के अलावा जमीन के निबंधन के मामले भी कम हुए हैं. बीते वर्ष दीवाली के आसपास के दिनों में 923 कुल संपत्तियों का निबंधन कर 17 करोड़ पांच लाख रुपये का निबंधन शुल्क वसूल किया गया था. जबकि इस वर्ष अक्टूबर तक मात्र 677 संपत्तियों का निबंधन कराया गया है.
इससे मात्र 12 करोड़ 75 लाख रुपये की वसूली की गयी है. त्योहार का मौसम होने के बावजूद फिलहाल जिला निबंधन कार्यालय में उतनी भीड़-भाड़ नहीं दिख रही है.
60 से घट कर 35 का हो गया औसत
जिला निबंधन पदाधिकारी एसएन चौधरी बताते हैं कि रेरा के बाद फ्लैटों के निबंधन पर असर पड़ा है. ऐसे दिनों में जहां प्रतिदिन 60 से अधिक निबंधन कराया जा रहा था, लेकिन इस बार निबंधन प्रतिदिन का औसत 30 से 35 हो चुका है. उन्होंने बताया कि बीते वर्ष दुर्गापूजा से दीपावली खास कर धनतेरस के मौके पर सौ के लगभग रजिस्ट्री करायी गयी थी. कार्यालय को 25 करोड़ रुपये का शुल्क मिला था. हालांकि धनतेरस के दिन निबंधन कार्यालय खुला रहेगा.
