पटना सिटी : सुल्तानगंज स्थित केंद्रीय एदार-ए-शरिया के 50 वर्ष होने के मौके पर बुधवार को राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन व मजलिस-ए-शूरा का आयोजन किया गया.
सम्मेलन में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि धर्म के नाम पर आतंक हो रहा है. उसका इस्लाम से कोई संबंध नहीं है. वक्ताओं ने सम्मेलन में मॉब लिचिंग, दुष्कर्म व आतंक के शिकार व्यक्तियों के परिजनों को न्याय दिला कर देश की गंगा- जमुनी संस्कृति में सम्मलित करने की मांग की. कुरान की तेलावत से आयोजित हुए राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ गुलाम जरकानी कादरी ने की.
सम्मेलन का संचालन मौलाना सैयद अहमद रजा व मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने की. सम्मेलन में बिहार ,झारखंड ,बंगाल, ओड़िशा, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात व मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों से आये उलेमाओं ने हिस्सा लिया.सम्मेलन में चुनाव के दरम्यान पूर्व सांसद मौलाना गुलाम रसुल बलियावी को केंद्रीय एदार-ए-शरिया का अध्यक्ष दोबारा चुना गया.
वहीं, कार्यकारिणी के पदों के लिए आठ सदस्यों की कमेटी बनायी गयी.अमीन-ए-शरियत का चुनाव सम्मेलन में नहीं हो सका. अब दिसंबर में अमीन-ए-शरियत का चुनाव कराया जायेगा. सम्मेलन में मुफ्ती अब्दुल मन्नान कलीली,सैयद रिजवानुल, कुतुबुद्दीन रिजवी, हाजी सनाउल्लाह रिजवी, मुफ्ती अमजद रजा, सैयद अहमद रजा, डाॅ गुलाम जीलानी कारी, मुफ्ती एजाज, मौलाना मोबिन रिजवी, मौलाना जसीमुद्दीन आदि शामिल थे. दो सत्रों में आयोजित कार्यक्रम के प्रथम सत्र में नये भवन का उद्घाटन व तीसरी मंजिल के निर्माण की आधारशिला रखी गयी. संस्था के अध्यक्ष गुलाम रसूल बलियावी ने आयोजन में संस्था के 50 वर्षों के कार्यकलाप को रखा.
उपस्थित लोगों ने गैर सरकारी मदरसों में दी जाने वाली तालीम तहतानियां नर्सरी से लेकर आलीम बीए तक पाठ्यक्रम में बदलाव व एकरूपता लाने पर चर्चा की. वक्ताओं ने कहा कि किशनगंज में शाखा के लिए भूमि उपलब्ध हो गयी है, जबकि झारखंड में भी शाखा खोलने का संकल्प लिया गया.
