लाइब्रेरी भी डिजिटलाइज्ड की जायेगी
पटना : पटना विश्वविद्यालय ने ऑटोमेशन (डिजिटलाइजेशन) की दिशा में प्रयास तेज कर दिये हैं. इस दिशा में विवि को पूरी तरह से कैशलेस कर दिया गया है. सभी प्रकार के फीस ऑनलाइन लिये जा रहे हैं. नामांकन तथा परीक्षा विभाग लगभग पूर्ण कंप्यूटरीकृत हो चुका है. कंप्यूटराइजेशन का काम अन्य दूसरे विभागों में भी जल्द हो, इसको लेकर कमेटी का गठन कर दिया गया है.
इसकी बैठकें भी जारी हैं. विवि की तैयारी है कि आने-वाले दिनों में विवि पूरी तरह से पेपरलेस हो जाये और सारे काम कंप्यूटराइज्ड ही हों. छात्रों को विवि मुख्यालय आने की कम से कम आवश्यकता पड़े और अगर पड़े भी तो तुरंत उन्हें वह जानकारी उपलब्ध हो या काम तुरंत हो जाये.
डिजिटल प्रमाणपत्र होंगे उपलब्ध : नैड के अंतर्गत सभी प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जायेगा. विवि ने इसको लेकर एनएसडीस के साथ समझौता किया है. एनडीएल के अंतर्गत सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को जोड़ा जा रहा है. इंफ्लिबनेट के अंतर्गत पटना विश्वविद्यालय के पुस्तकालय के ऑटोमेशन (डिजिटलाइजेशन) का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है.
पटना विश्वविद्यालय मोबाइल एप की भी शुरुआत की गयी है. इस एप के जरिये छात्र-छात्राओं को नामांकन से लेकर परीक्षा तक की जानकारी उपलब्ध रहेगी. रिजल्ट आदि को भी मोबाइल फोन पर ही एप के जरिए देखा जा सकता है. इसके अतिरिक्त भी कई तरह की जानकारियां जो पीयू के वेबसाइट पर होती हैं, वह भी एप पर देखी जा सकती हैं. इससे संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी तीन अक्तूबर को कंप्यूटर सेंटर में किया गया था.
कैंपस हो चुका है वाई-फाई
राज्य सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत सभी कॉलेजों एवं मुख्यालय में वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. इसके तहत सभी छात्र-छात्राओं को आईडी-पासवर्ड दिये गये हैं जिससे छात्र इसका लाभ अपने मोबाइल फोन या लैपटॉप पर उठा सकते हैं. विवि मुख्यालय भी वाई-फाई हो चुका है.
ऑटोमेशन को लेकर कमेटी को रिवाइव कर दिया गया है. इसको लेकर बैठकें जारी हैं. विवि पहले ही कैशलेस व ऑनलाइन के तहत सारे काम कर रहा है. जल्द ही यह पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड होगा. इसको लेकर काम तेजी से चल रहा है.
– मनोज मिश्र, रजिस्ट्रार, पीयू
