सीसीटीवी फुटेज में दानापुर में दिखी थी
पटना : आम लोगों की चोरी हुई वाहनों की तलाश में पुलिस की कार्रवाई में सुस्ती को लेकर अक्सर बातें होती हैं, लेकिन जब महकमे के अधिकारी की गाड़ी भी पुलिस नहीं ढूंढ पाये तो पुलिस के नेटवर्किंग पर सवाल खड़ा होना लाजिमी है.
जी हां, हम बात कर रहे हैं स्पेशल ब्रांच के एएसपी प्रणव कुमार प्रवीण की सरकारी गाड़ी चोरी होने के मामले की. 8 अक्टूबर की देर रात सचिवालय थाने के बगल में मौजूद पुलिस लाइन से बीआर-1 पीए- 6083 नंबर की टाटा सूमो गोल्ड गाड़ी चोरी हुई थी. पुलिस ने इस घटना के सामने आने के बाद वाहन की फौरी तौर पर तलाशी शुरू की, तलाश इस कदर कि एफआईआर दर्ज करने में भी देरी की गयी.
कोशिश थी कि बिना मामला दर्ज हुए ही गाड़ी बरामद कर ली जाये, लेकिन सारे प्रयास हवाबाजी ही साबित हुए. गाड़ी चोरी की घटना के बाद पुलिस ने शहर के सभी इलाकों के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया. इस दौरान पुलिस को दानापुर में एक जगह सीसीटीवी फुटेज में गाड़ी दिखी, लेकिन इसके बाद गाड़ी का कोई लाेकेशन नहीं मिला. कयास यह लगाये जा रहे हैं कि गाड़ी को दानापुर में कहीं छुपा दिया गया है या फिर गांव के रास्ते बाहर निकाल दिया गया है. शक यह भी है कि नंबर बदल गाड़ी को गंगा पार करा दिया है.
कहीं किसी बड़ी वारदात में इस्तेमाल न हो जाये सरकारी गाड़ी : गाड़ी पर पुलिस का मोनोग्राम है. आशंका है कि कहीं इसका गलत प्रयोग न कर लिया जाये. अाशंका तब और मजबूत हो जाती है जब तबरेज आलम हत्याकांड में आरोपित के घर कुर्की के दौरान पुलिस की वर्दी बरामद होती है.
पुलिस लाइन से चोरी हुई थी गाड़ी
गौरतलब है कि 8 अक्टूबर को स्पेशल ब्रांच के एएसपी अपनी सरकारी गाड़ी से पुलिस मुख्यालय अपने ऑफिस गये थे. इसके बाद उनका चालक मुन्ना सिंह उन्हें आवास छोड़कर आया और गाड़ी सचिवालय थाने के पास मौजूद पुलिस लाइन में गाड़ी खड़ी कर दिया. अगली सुबह गाड़ी गायब मिली. मतलब पुलिस लाइन से गाड़ी चोरी की गयी है, बावजूद पुलिस गंभीरता नहीं दिखा रही है .
