पटना : बालू माफियाओं द्वारा सैप जवानों से मारपीट और राइफल लूटे जाने के बाद राइफल तो बरामद कर ली गयी. लेकिन, पुलिस अब तक आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है. इसके लिए दीघा और गंगा दियारा इलाके में छापेमारी जारी है. पटना पुलिस ने इस मामले में वैशाली और सारण पुलिस से भी बात की है.
तीनों जिलों की पुलिस बालू माफियाओं पर शिकंजा कसने में जुट गयी है. पुलिस ने शनिवार की रात कई जगहों पर दबिश दी. पुलिस सूत्रों कि मानें, तो सैप जवानों के साथ मारपीट करने वाले आरोपितों को चिह्नित कर लिया गया है. करीब एक दर्जन लोगों की सूची तैयार की गयी है. छापेमारी तब तक जारी रहेगी, जब तक आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जायेगा.
पुलिस की निगहबानी : जर्नादन बालू घाट पर सन्नाटा पसरा हुआ है. शनिवार को माइनिंग विभाग और सैप जवान पर हमले की घटना के बाद पुलिस सक्रिय हो गयी है.
पुलिस ने लगभग सभी बालू घाट और अवैध खनन वाले इलाके में निगहबानी तेज कर दी है. रविवार को जर्नादन घाट पर कई बार पुलिस पहुंंची. लेकिन, वहां कोई नहीं मिला. वहां पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है. पुलिस ने गंगा दियारा इलाके में छापेमारी तेज की है.
पुलिस की कोशिश है कि राइफल छीनने वाले आरोपितों को पकड़ा जाये. बालू माफियाओं द्वारा माइनिंग विभाग और सैप जवान पर किये गये हमले के मामले में आईजी के निर्देश पर पूरे मामले की जांच की जा रही है. आईजी ने दो दिन में रिपोर्ट तलब किया गया है. प्रथमदृष्टया माइनिंग विभाग की लापरवाही सामने आयी है.
