पटना : रुपसपुर की अर्पणा बैंक कॉलोनी में रहने वाले होम्योपैथिक डॉक्टर शशिभूषण प्रसाद गुप्ता के अगवा हुए 15 वर्षीय बेटे सत्यम की हत्या कर दी गई. शनिवार दोपहर को युवक का शव रुपसपुर में स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे के खेत से मिला. सत्यम का अपहरण करने के बाद अपराधियों ने फोन कर शुक्रवार को 50 लाख की फिरौती मांगी थी. परिजनों ने पहले रुपसपुर थाने में गुमशुदगी का रिपोर्ट दर्ज कराया था. फिरौती की मांग किये जाने के बाद पुलिस एक्टिव हुई और युवक साथ पढ़ने वाले लड़कों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया. पूछताछ में लड़कों ने हत्या की बात बतायी और उनकी निशानदेही पर शव को बरामद किया गया. उसकी हत्या चाकू से गोद-गोद कर गुरुवार को ही कर दी गयी थी और उसके बाद अपहर्ता फिरौती की मांग कर रहे थे. वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारों ने युवक के मोबाइल से परिजनों को फोन किया और फिरौती की मांग की थी.
विदित हो कि डॉक्टर के बेटे को गुरुवार शाम को अगवा किया गया था. वह पढ़ने के लिए कोचिंग गया, लेकिन लौटकर नहीं आया. प्राप्त जानकारी के अनुसार अगवा करने के बाद ही युवक की हत्या कर दी गयी थी. इसके बाद शव को कॉलेज के पीछे झाड़ी में फेंक दिया गया. बताया जा रहा है कि कोचिंग में लड़की से छेड़खानी की घटना के बाद कुछ लड़कों के साथ उसकी बहस हुई थी और उसके बाद सत्यम को कोचिंग से बाहर किया गया था. दोस्तों ने उसे मामला सुलझाने के नाम पर बुलाया था. फिर उन्हीं में से तीन दोस्तों ने उसका अपहरण कर लिया था और उसके ही मोबाइल से उसके पिता से फिरौती मांगी थी.
मामले की जांच कर रही पुलिस ने मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया और पूछताछ कर रही थी. अपराधियों द्वारा फिरौती के लिए फोन कॉल आने तक पटना पुलिस इसे किडनैपिंग नहीं मान रही थी. लेकिन, परिजनों की शिकायत के बाद शुक्रवार देर रात पुलिस हरकत में आयी और मामले में नया एफआइआर दर्ज किया है. जिसके बाद पुलिस दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ करती रही. डॉक्टर ने बताया कि अपहर्ताओं ने शुक्रवार की सुबह उनके ही बेटे के मोबाइल से फोन कर फिरौती मांगी गयी और नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी. साथ ही यहां हिदायत भी दी कि अगर मामला पुलिस तक पहुंचा तो अंजाम बुरा होगा.
