पटना: दिल्ली से आ रही विक्रमशिला ट्रेन में फर्जी टीटीइ बन कर यात्रियों से पैसा वसूलने का मामला प्रकाश में आया है. चौंकानेवाली बात यह है कि इस फर्जीवाड़े में जीआरपी स्कॉर्ट टीम भी शामिल रही.
ट्रेन में खुद बिना टिकट यात्र कर रहे दो लोगों ने मुगलसराय के जीआरपी स्कॉर्ट से हाथ मिलाया और सांठ-गांठ कर कोच में यात्रियों से वसूली कर डाली. मुगलसराय में स्कॉर्ट चेंज होने पर वसूली की पोल खुली. स्कॉर्ट की दूसरी टीम ने फर्जी टीटीइ बने दोनों आरोपितों को पटना जीआरपी को सौंपा है.
भागलपुर के लिए चले थे : बताया जाता है कि दिल्ली से भागलपुर के लिए मोहम्मद असगर और राघो विक्रमशिला ट्रेन में चढ़े थे. उनके पास टिकट नहीं था. ट्रेन कानपुर पहुंचने वाली थी, तो जीआरपी स्कॉर्ट से दोनों ने बात की और फर्जी टीटीइ बन कर वसूली का प्लान बनाया.
स्कॉर्ट के साथ कोच में घूम रहे दोनों ने खुद को टीटीइ बता कर यात्रियों को बर्थ दिलाने के नाम पर पैसे वसूले. साथ में जीआरपी के जवान के रहने के कारण किसी को शक भी नहीं हुआ. बाद में भेद खुलने पर पकड़े गये दोनों आरोपितों ने बताया कि स्कॉर्ट ने ही यह सुझाव दिया था. दोनों ने स्कॉर्ट टीम में शामिल सतीश तिवारी और पटेल सिपाही का नाम बताया है. हालांकि पटना जीआरपी दोनों को फर्जीवाड़े के आरोप में कार्रवाई कर रही है. जीआरपी का कहना है कि स्कॉर्ट टीम पर लगे आरोप की जांच की जायेगी.
पटना जीआरपी को सौंपा
जब तक स्कॉर्ट साथ में थी, तब तक कुछ नहीं हुआ. पर, जब मुगलसराय में स्कॉर्ट चेंज हुआ और दूसरी टीम ट्रेन में आयी, तो यात्री दोनों फर्जी टीटीइ से बहस करने लगे. पूछने पर यात्रियों ने पूरा वाकया बताया. इस पर टीम ने दोनों को पकड़ लिया और ट्रेन के पटना पहुंचने पर जीआरपी को सौंप दिया.
