पटना : मुस्लिम कैलेंडर के पहले महीने में शुक्रवार को मुहर्रम मनाया जायेगा. इस पूरे महीने में इमाम हुसैन की शहादत को याद किया जाता है. मुस्लिम विद्वानों के मुताबिक याजीद की सेना के विरुद्ध जंग लड़ते हुए इमाम हुसैन के पिता हजरत अली का संपूर्ण परिवार मौत के घाट उतार दिया गया था और मुहर्रम के दसवें दिन इमाम हुसैन भी इस युद्ध में शहीद हो गये थे.
मुहर्रम के दसवें दिन मुस्लिम संप्रदाय द्वारा ताजिये निकाले जायेंगे. लकड़ी, बांस व रंग-बिरंगे कागज से सुसज्जित ये ताजिये हजरत इमाम हुसैन के मकबरे के प्रतीक माने जाते हैं. इसी जुलूस में इमाम हुसैन के सैन्य बल के प्रतीक स्वरूप अनेक शस्त्रों के साथ युद्ध की कलाबाजियां दिखाते हुए लोग चलेंगे. पटना सिटी के साथ ही शहर के मुस्लिम मुहल्लों में मुहर्रम के जुलूस में लोग इमाम हुसैन के प्रति अपनी संवेदना दर्शाने के लिए बाजों पर शोक-धुन बजाते हैं और शोकगीत (मर्सिया) गायेंगे.
मुस्लिम संप्रदाय के लोग शोकाकुल होकर विलाप करते हैं और अपनी छाती पीटते हैं. इस प्रकार इमाम हुसैन की शहादत को याद किया जाता है. इधर, मुहर्रम को लेकर पटना जिला में सुरक्षा को कड़ी कर दी गयी है. तमाम संवेदनशील स्थलों मसलन फुलवारीशरीफ, सब्जीबाग, दानापुर, पटना सिटी, मसौढ़ी आदि इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है.
इसके साथ ही संबंधित डीएसपी व थानाध्यक्षों को अपने-अपने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार नजर रखने का एसएसपी मनु महाराज ने निर्देश दिया है. इसके साथ ही पटना में हर इलाके में पुलिस की टीम ने फ्लैग मार्च निकाला. पीरबहोर थाने से शुरू हुआ फ्लैग मार्च अशोक राजपथ होते हुए पटना सिटी गया और फिर ओल्ड बाईपास, बेली रोड होता हुआ खगौल-दानापुर गया.
पटना सिटी . हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 अंसारों की करबला के जंग में हुई शहादत पर गुरुवार को शिया समुदाय ने दुलदुल का जुलूस निकाला. मुहर्रम की नवमी तिथि पर दुलदुल का जुलूस बौली इमामबाड़ा बादशाह मंजिल से निकला, जो बड़ी हवेली गुजरी बाजार तक आया. दुलदुल के जुलूस के बाद समुदाय के लोगों ने पानदरीवा गली से दर्जनों अलम के साथ मातमी जुलूस निकाला.
जुलूस में शामिल लोग सीनाजनी करते व मर्सिया पढ़ते चल रहे थे. मर्सिया में करबला की जंग का शाब्दिक चित्रण किया जा रहा था. दसवीं मुहर्रम पर शुक्रवार अलम के साथ नवाब बहादुर रोड से मातमी जुलूस निकलेगा, जो नौजर कटरा इमामबाड़ा तक जायेगा. शाम को बौली इमामबाड़ा से जंजीरी मातम का जुलूस निकलेगा, जो शाह बकार की तकिया चैलीटाड़ तक जायेगा.
यहां पर जुलूस पहुंचने के बाद शाम-ए-गरिबा मजलिस का आयोजन किया जायेगा. शुक्रवार को ही आलमगंज पठान टोली से मातमी जुलूस निकल कर कर्नल साहिब के इमामबाड़ा पत्थर की मस्जिद जायेगा.
सिपहर व ताजियों का पहलाम आज : पटना सिटी. स्थापित सिपहर व ताजियों का पहलाम शुक्रवार से दरगाह करबला में होगा. स्थापित सिपहर को गुरुवार के दिन भी अखाड़ा प्रमुखों ने मुहल्ले में घुमाया. शुक्रवार को दसवीं मुहर्रम पर झाऊगंज के पास चमडोरिया व बंटाऊ कुआं के सिपहर का मिलन होगा. दूसरी ओर पहलाम के दौरान विधि-व्यवस्था कायम रहे, इसके लिए अनुमंडल प्रशासन की ओर से प्रशासनिक तैयारी पूरी हो चुकी है.
