मेनका गांधी ने आश्रय गृहों में यौन अपराधों पर चिंता जतायी

नयी दिल्ली : केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने बाल आश्रय गृहों में यौन अपराधों और एनआरआई पतियों द्वारा पत्नियों को छोड़ने की बढ़ती घटनाओं पर गुरुवार को चिंता प्रकट की. मेनका गांधी ने कहा कि पुलिस बल इस तरह की घटनाओं पर पैनी नजर रखें और दोषियों को गिरफ्तार करें. यौन […]

नयी दिल्ली : केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने बाल आश्रय गृहों में यौन अपराधों और एनआरआई पतियों द्वारा पत्नियों को छोड़ने की बढ़ती घटनाओं पर गुरुवार को चिंता प्रकट की. मेनका गांधी ने कहा कि पुलिस बल इस तरह की घटनाओं पर पैनी नजर रखें और दोषियों को गिरफ्तार करें. यौन अपराधियों की राष्ट्रीय रजिस्ट्री की शुरुआत के मौके मेनका ने कहा, ‘‘20 से 30 फीसदी यौन हमले आश्रय गृहों में होते हैं. बिहार के मुजफ्फरपुर में आश्रय गृह के मालिक ने ही कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया था, लेकिन उसे तत्काल गिरफ्तार नहीं किया गया. मैं सभी पुलिस महनिदेशकों से अपील करती हूं कि वे सभी आश्रय गृहों पर पैनी नजर रखें.”

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस राष्ट्रीय रजिस्ट्री की शुरुआत की. मौके पर सिंह और मेनका गांधी के अलावा गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू, हंसराज अहीर, गृह सचिव राजीव गौबा और दोनों मंत्रालयों के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. एनआरआई पुरुषों द्वारा भारत में शादी करके पत्नी को छोड़ जाने की घटनाओं पर भी मेनका ने चिंता जतायी. उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की घटनाएं पूरे देश में होती हैं. हमारे पास यह जानकारी है कि प्रतिदिन आठ से 10 विदेशी आते हैं और शादी करते हैं और कुछ दिनों बाद छोड़कर चले जाते हैं. कृपया इस तरह की पर घटनाओं पर नजर रखें और ऐसे पुरुषों के पासपोर्ट तत्काल रद्द किया जाये.”

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >