एनआईए कर सकती है सेना के डिपो से चोरी हुए 60 हथियारों के मामले की जांच

पटना : मुंगेर हथियार कांड की जांच एनआईए कर सकती है. इस मामले को लेकर गुरुवार को आईजी आपरेशन कुंदन कृष्णन से जबलपुर के आईजी आनंद कुमार सिंह ने संपर्क किया था. दोनों अधिकारियों के बीच इस मामले काे लेकर लंबी मंत्रणा हुई. दोनों अधिकारियों का मानना है कि सेना के डिपो से चोरी कर […]

पटना : मुंगेर हथियार कांड की जांच एनआईए कर सकती है. इस मामले को लेकर गुरुवार को आईजी आपरेशन कुंदन कृष्णन से जबलपुर के आईजी आनंद कुमार सिंह ने संपर्क किया था. दोनों अधिकारियों के बीच इस मामले काे लेकर लंबी मंत्रणा हुई. दोनों अधिकारियों का मानना है कि सेना के डिपो से चोरी कर बचे गये हथियारों की सप्लायी बिहार के कई जिलों में की गयी है. पुलिस – एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुये 29 अगस्त को जमालपुर में गांव बरदह के इमरान के पास से तीन एके 47 राइफल बरामद की थी. इसकी निशानदेही पर जबलपुर में पुरुषोत्तम को गिरफ्तार किया था.

पूछताछ के बाद एटीएस ने गुरुवार को मुंगेर के ही ग्राम मिर्जापुर बरदह थाना मुफ्फसिल से तीन एके 47 राइफल और बरामद कर ली. जबलपुर की आर्डिनेंस डिपो से चोरी कर सेना के 60 हथियार अपराधियों को बेचे गये हैं. इसमें से अब तक छह हथियार बरामद हो चुके हैं. बाकी हथियार बरामद करने के लिये व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में राष्ट्रीय स्तर पर किसी संगठित गिरोह के शामिल हाेने की आशंका प्रकट कर रही है. इस कारण से एनआईए को इसकी जांच देने की तैयारी की जा रही है. हालांकि किसी ने भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

एके-47 की मंडी बना मुंगेर, बड़े अपराधी और माओवादियों तक पहुंच रहे हथियार, दो दशकों से तस्करी कर रहा इमरान
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरदह गांव का रहने वाला मो इमरान पिछले दो दशक से अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी कर रहा है. इस दौरान वह कारबाइन, एसएलआर व एके-47 की व्यापक स्तर पर खरीद-बिक्री की. देश के विभिन्न क्षेत्रों में उसका बड़ा नेटवर्क काम करने लगा और बड़े-बड़े आपराधिक संगठनों को वह इन अत्याधुनिक हथियारों की आपूर्ति करता रहा. यहां तक कि वह इन हथियारों का पाटर्स भी उपलब्ध कराता रहा है. वर्ष 2000 में वह कुछ हथियारों के साथ कोतवाली पुलिस द्वारा पकड़ा गया था.

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