आसरा होम मामला: बुधवार रात को ही होम से बाहर निकल गयी थीं दोनों संवासिनें
पटना : राजीव नगर स्थित आसरा होम से बुधवार रात दो बजे ही दोनों संवासिन वहां से निकल गयी थीं. पुलिस ने होम में लगे सीसीटीवी कैमरा को जब खंगाला तो यह जानकारी मिली कि दोनों कई बार सेकेंड फ्लोर पर गयीं और फिर वहां से नीचे फर्स्ट फ्लोर पर आयी. इसके बाद एक बार […]
पटना : राजीव नगर स्थित आसरा होम से बुधवार रात दो बजे ही दोनों संवासिन वहां से निकल गयी थीं. पुलिस ने होम में लगे सीसीटीवी कैमरा को जब खंगाला तो यह जानकारी मिली कि दोनों कई बार सेकेंड फ्लोर पर गयीं और फिर वहां से नीचे फर्स्ट फ्लोर पर आयी. इसके बाद एक बार जब वे दोनों ऊपर गयी तो फिर वापस आने की वीडियो फुटेज नहीं है.
इससे स्पष्ट है कि वे लोग वहां से बगल की छत पर चढ़ कर सीढ़ियों से नीचे उतर गयी थीं. संभवत: वे लोग किचेन की चाबी लेने के लिए ऊपर-नीचे कर रही थी और जब चाबी मिल गयी तो वे लोग वहां से निकल गयी. काफी रात हो चुकी थी, इसलिए पूरे होम में सन्नाटा पसरा था. इसके बाद वे लोग रास्ते पर आ कर कहीं चली गयी. एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि इस मामले में राजीव नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. दोनों संवासिनों को खोजने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है.
कैमरे को खंगाला
एसएसपी मनु महाराज ने दोनों संवासिनों को खोजने के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है. एसआईटी ने राजीव नगर से लेकर पटना जंक्शन तक के सीसीटीवी कैमरा के वीडियो फुटेज को खंगाला. लेकिन वे दोनों कहीं भी नजर नहीं आयी. राजीव नगर के एक मकान के सीसीटीवी कैमरा में धुंधली तस्वीर आयी है लेकिन यह कहना मुश्किल है कि वे दोनों ही थी.
लिया गया बयान
पुलिस टीम ने आसरा होम में रहने वाली संवासिनों का बयान लिया. इसमें उन लोगों ने एक ही बात कही कि वे लोग कब निकली उन्हें जानकारी नहीं है. उन दोनों ने आये दिन की तरह खाना खाया था और सोने के लिए चली गयी थी. संवासिनों का यह जरूर कहना था कि बुधवार को दोनों दिन में भी एकसाथ ही थी.
दूसरे मकान में शिफ्ट होगा आसरा होम
राजीव नगर थाने के नेपाली नगर में बने आसरा होम से गुरुवार को दो संवासिनों के भागने की घटना के बाद अब इस होम को दूसरे मकान में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गयी है. इसके लिए मकान की तलाश की जा रही है. इससे पहले 10 अगस्त को यह होम दो महिलाओं की मौत के कारण चर्चा में आया था. इधर दो संवासिनों के भागने के मामले में स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज करायी गयी है.
पिछली घटना के बाद इस होम के संचालन की जिम्मेदारी सरकार के समाज कल्याण विभाग ने ले ली है. इससे पहले पिछली घटना को लेकर यहां की डायरेक्टर मनीषा दयाल और उनके पार्टनर चिरंतन फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं. साथ ही उनके एनजीओ अनुमाया ह्यूमन रिसोर्स फाउंडेशन से इस गृह को चलाने की जिम्मेदारी सरकार ने वापस ले ली है.
मानसिक रूप से बीमार हैं. सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किये जाने के बावजूद उनके भागने की घटना दुखद है. एफआईआर दर्ज करवाकर उनकी तलाश की जा रही है. इस आसरा गृह को यहां से हटाने के लिए दूसरे मकान की तलाश की जा रही है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार कोई भी बच्चा आश्रय गृह से भाग सकता है. यह सामान्य घटना है, लेकिन उस बच्चे की खोजबीन और देखरेख आवश्यक है.