संवाददाता, पटना : राजधानी में पिछले एक सप्ताह से बिजली लोड 850 के पार जाते ही ट्रांसफॉर्मर जलने की शिकायत बढ़ती जा रही है. पिछले 10 दिनों के भीतर शहर के करीब 11 ग्रिडों से बिजली ओवरलोड होने के कारण ट्रांसफाॅर्मर जलने की शिकायत बढ़ी हुई है. पिछले सप्ताह गुरुवार को राजधानी की करीब 50 से अधिक जगहों पर अचानक से बिजली काट दी गयी. इसका मुख्य कारण यह था कि शहर भर में 12 ट्रांसफाॅर्मर एक दिन में जल गये थे. बढ़ते लोड से ट्रांसफॉर्मर जलने की परेशानी कोई नयी नहीं है. हर साल दिसंबर के महीने में आरडीएसएस के तहत रखरखाव का काम किया जाता है, जिसमें ट्रांसफॉर्मर में ऑयल व एबी स्विच को बदला जाता है. बिजली कंपनियां हर साल दावा करती हैं कि चाहे शहर भर में कितना भी लोड अधिक हो जाये. ट्रांसफाॅर्मर पर ट्रिपिंग व लोड के कारण बिजली नहीं कटेगी. लेकिन गर्मी आते ही ट्रांसफॉर्मर जलने की समस्या अब तक कम नहीं हुई है.
करोड़ों खर्च, लेकिन समस्या अब भी वही :
पिछले पांच सालों में बिजली उपकरण रखरखाव करने के लिए बिजली कंपनियों ने करीब 8 करोड़ रुपये खर्च हो गये. लेकिन उसके बाद भी लोड अधिक होने के कारण बिजली कट की समस्या वैसी ही है. मिली जानकारी के अनुसार ट्रांसफॉर्मर में लगी फॉल्ट बताने वाली मशीन भी गर्मियों में फेल हो जा रही है. बिजली सप्लाइ के जानकार बताते हैं कि इसका मुख्य कारण सही तरीके से मेंटेनेंस नहीं हो पाना है. जानकारी के लिए बता दें कि शहर भर में 75 पीएसएस बनाये गये हैं, जिनसे पूरे शहर में बिजली की सप्लाइ दी जाती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
