किशनगंज SDPO की बेनामी संपत्ति नेपाल से नोएडा तक,आज EOU के सामने होंगे पेश

Bihar News: बिहार में आय से अधिक संपत्ति मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार की संपत्तियों की जांच के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की हैं, जो देश के कई राज्यों के साथ-साथ नेपाल तक में उनकी संपत्तियों की जांच कर रही हैं.

Bihar News: बिहार पुलिस के एक आला अधिकारी की काली कमाई का कच्चा चिट्ठा अब सरहदें पार कर चुका है. आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे किशनगंज के एसडीपीओ (SDPO) गौतम कुमार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं.

गौतम कुमार की बेनामी संपत्तियों के तार न केवल बिहार के आधा दर्जन जिलों, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल और पश्चिम बंगाल तक फैले हुए हैं. आज सोमवार को गौतम कुमार को पटना स्थित EOU कार्यालय में तलब किया गया है.

हर दस्तावेज खंगाल रही टीम

EOU ने गौतम कुमार के साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए तीन विशेष टीमें बनाई हैं. एडिशनल एसपी के नेतृत्व में एक टीम पिछले छह दिनों से किशनगंज में डेरा डाले हुए है और पूर्णिया व किशनगंज की संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कर रही है.

दूसरी टीम अररिया, मुंगेर और पटना में छानबीन में जुटी है. ईओयू मुख्यालय ने नेपाल और पश्चिम बंगाल प्रशासन से भी संपर्क साधा है ताकि वहां मौजूद अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा सके.

तीसरी टीम जल्द ही दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा रवाना होगी, जहां एसडीपीओ से जुड़ी संपत्तियों के सुराग मिले हैं. वहीं नेपाल और पश्चिम बंगाल में भी संपत्तियों की जानकारी सामने आने के बाद ईओयू ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क साधा है.

महिला मित्र और सहयोगी के नाम पर संपत्ति

एसडीपीओ ने अपनी बेनामी संपत्तियों को छिपाने के लिए ‘सफेदपोश’ और करीबियों का सहारा लिया. उनकी महिला मित्र शगुफ्ता के नाम पर सात कीमती भूखंड (प्लॉट) खरीदे जाने के प्रमाण मिले हैं. इतना ही नहीं, जांच की आंच उनकी घरेलू महिला सहयोगी तक भी पहुंच गई है, जिसके नाम पर भी निवेश किए जाने के साक्ष्य मिले हैं.

ईओयू उन माफियाओं और सफेदपोशों की भी कुंडली खंगाल रही है, जिनसे एसडीपीओ के करीबी संबंध थे. उनके कॉल रिकॉर्ड से पता चला है कि वे संदिग्ध नंबरों पर दिन भर में 50 से ज्यादा बार बात करते थे.

माफिया और सफेदपोशों से कनेक्शन की जांच

गौतम कुमार के खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले में कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने की उम्मीद है. मंगलवार को डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है, जिससे इस सिंडिकेट के और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

पश्चिम बंगाल में चुनाव के कारण फिलहाल वहां की संपत्तियों की जानकारी मिलने में थोड़ी बाधा आ रही है, लेकिन ईओयू का कहना है कि घेराबंदी पूरी है. अगर आज की पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिले, तो एसडीपीओ पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक सकती है.

आज होगी पूछताछ

एसडीपीओ गौतम कुमार को पूछताछ के लिए पटना स्थित ईओयू कार्यालय में बुलाया गया है. अधिकारियों द्वारा उनसे कई अहम सवाल पूछे जाएंगे, जिससे इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

Also Read: पटना में लगेंगी नई हाईमास्ट लाइटें, सेंसर से खुद जलेंगी और बुझेंगी, जानिए मेगा प्लान

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >